तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने की हेमंत सोरेन से मुलाकात, देश में तीसरे मोर्चे की चर्चा

केसीआर ने गलवान घाटी के शहीदों के परिजनों को 10-10 लाख का चेक सौंपा
केसीआर ने गलवान घाटी के शहीदों के परिजनों को 10-10 लाख का चेक सौंपा

रांची । तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने सपरिवार रांची आकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की । आधिकारिक तौर पर कहा गया कि गलवान घाटी में शहीद हुए झारखंड के जवानों को परिजनों को वे 10-10 लाख रुपये का चेक सौंपने आए थे , लेकिन जिस तरह केसीआर अलग-अलग राज्यों में जाकर भाजपा विरोधी क्षेत्रीय दलों के प्रमुखों से मुलाकात कर रहे हैं, इसे तीसरे मोर्चे की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

गैर-कांग्रेसी विकल्प बनाने की कवायद

के. चंद्रशेखर राव ने इससे पहले शरद पवार, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, एम. के. स्टालिन, लालू प्रसाद यादव, अरविंद केजरीवाल और मायावती से मुलाकात की है। कई मौकों पर वे कह चुके हैं कि भाजपा का विकल्प कांग्रेस नहीं हो सकती। उन्होने कहा कि भाजपा का विकल्प कोई नया मोर्चा होगा। ये कैसा आकार लेगा, ये भविष्य में तय होगा। अभी बातचीत बिल्कुल शुरूआती चरणों में है।

अभी तीसरे मोर्चे पर कुछ कहना जल्दीबाजी- हेमंत सोरेन

विधानसभा सत्र के चौथे दिन सदन से बाहर निकलते ही पत्रकारों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तीसरे मोर्चे और केसीआर से मुलाकात पर सवाल पूछा। इसपर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि मेरी राष्ट्रीय फलक पर जाने की अभी कोई इच्छा नहीं है। मैं झारखंड के लोगों की सेवा करता रहूं, यही उपरवाले से दुआ है। हेमंत सोरेन ने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री की शिबू सोरेन के प्रति विशेष आस्था रही है। इसलिए वे परिवार सहित उनसे मिलने आए। हेमंत सोरेन ने कहा कि अभी हमारे मन में तीसरे मोर्चे को लेकर कोई विचार नहीं है। भविष्य में क्या होगा, किसी को नहीं पता ।

देश की तरक्की के लिए दलों का साथ आना जरूरी- केसीआर

संवाददाताओं से बात करते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी को 75 साल हो गये हैं। देश को जितनी तरक्की करनी चाहिए थी, उतनी नहीं हुई। पड़ोसी देश चीन ने हमसे ज्यादा तरक्की की है । जब भी क्षेत्रीय पार्टियां आपस में मिलती हैं तो जरूरी नहीं कि हम हमेशा तीसरे मोर्चे की ही बात करें। केसीआर ने कहा कि हम राजनीतिक दल हैं, राजनीति पर चर्चा होती है, लेकिन हम देश के विकास के माहौल पर भी चर्चा करते हैं।

गौरतलब है कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके सलाहकार प्रशांत किशोर बहुत पहले से क्षेत्रीय पार्टियों को भाजपा का विकल्प बताते रहे हैं ।शरद पवार, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और लालू प्रसाद यादव भी भाजपा का गैर-कांग्रेसी विकल्प तलाशने की बात करते रहे हैं ।

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