झामुमो से परेशान टाटा मोटर्स और टाटा कमिंस कंपनी का मुख्यालय पुणे शिफ्ट होगा

75 % नौकरी स्थानीय लोगों को देने के नाम पर टाटा प्रबंधन को ब्लैकमेल कर रहे हैं झामुमो के स्थानीय नेता
75 % नौकरी स्थानीय लोगों को देने के नाम पर टाटा प्रबंधन को ब्लैकमेल कर रहे हैं झामुमो के स्थानीय नेता

जमशेदपुर।  देश में सबसे पहला उद्योग स्थापित करने वाली टाटा कंपनी को इन दिनों झारखंड में सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा का विरोध झेलना पड़ रहा है । झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्य में स्थित कंपनी के विभिन्न कारखानों और फैक्ट्रियों में 75 फीसदी स्थानीय लोगों की नियुक्ति सहित कई मांगें रखी हैं । टाटा मोटर्स और टाटा कमिंस कंपनी का मुख्यालय पुणे शिफ्ट करने के विरोध में बुधवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के पांच विधायकों और स्थानीय नेताओं की अगुवाई में हजारों लोगों ने जमशेदपुर से लेकर चाईबासा तक कंपनी के विभिन्न कार्यालयों और खदानों में 10 से 12 घंटे तक प्रदर्शन किया । इस वजह से कंपनी की लौह अयस्क खदानों में उत्पादन और डिस्पैच प्रभावित हुआ ।

झारखंड में कामकाज का माहौल नहीं 

झामुमो ने चेताया है कि एक दिन का यह आंदोलन तो सिर्फ झांकी है । अगर कंपनी ने मांगें नहीं मानीं तो आगे उग्र आंदोलन होगा । हालांकि टाटा कमिंस कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि कंपनी सिर्फ अपने रजिस्टर्ड ऑफिस को स्थानांतरित कर रही है । इससे झारखंड या जमशेदपुर में कंपनी के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा । हम कंपनी में सभी श्रम कानूनों और राज्य सरकार के अन्य नियमों का पालन करते हैं ।

हम क्षेत्रीयता के आधार पर नहीं, मेरिट पर नौकरी देते हैं: टाटा

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने आंदोलन को ‘हुड़का जाम’ का नाम दिया है । पार्टी का तात्कालिक विरोध टाटा कमिंस और टाटा मोटर का रजिस्टर्ड ऑफिस पुणे शिफ्ट करने को लेकर है । उसका कहना है कि जमीनें और खदानें यहां की ली गयीं और अब कार्यालयों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट करने का फैसला जनविरोधी है । इससे हजारों स्थानीय लोगों का रोजगार छिन जायेगा ।

झामुमो के आंदोलन की वजह से कंपनी को हुआ करोड़ोंरुपये का नुकसान 

जमशेदपुर में झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों के नेतृत्व में हजारों लोगों ने जहां टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और टाटा कमिंस के मेन गेट को 12 घंटे तक जाम रखा, वहीं चाईबासा जिले में कंपनी के नोवामुंडी और घाटकुरी स्थित टाटा लांग प्रोडक्ट कंपनी की विजय-2 खदान के मुख्य गेट को बुधवार सुबह 6 बजे से देर रात तक जाम किये रखा ।

झामुमो के सैकड़ों कार्यकर्ता कंपनिनयों के मुख्य गेट और रेलवे साइडिंग के बाहर झंडा-बैनर लेकर जमे रहे. इससे आयरन ओर की लोडिंग और अनलोडिंग का काम बुधवार को पूरी तरह प्रभावित रही. बताया जा रहा है कि इस बंदी से कंपनी की खदान में लगभग 10-15 हजार टन लौह अयस्क का उत्पादन व लगभग 4 हजार टन डिस्पैच प्रभावित हुआ.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com