एक साल के अंदर दो देशों के सेना प्रमुखों की एक तरह से मौत, दोनों चीन के दुश्मन, क्या ये महज संयोग है?

ताइवान और भारत के सेना प्रमुखों की एक तरह से हुई मौत क्या हत्या थी ?
ताइवान और भारत के सेना प्रमुखों की एक तरह से हुई मौत क्या हत्या थी ?

2 जनवरी, 2020
ताइवान के सेना प्रमुख शेन-ई- मिंग (Shen Yi-ming) अपने देश के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ हेलिकॉप्टर से ताइवान की राजधानी ताइपेई से सटे वुलाई जिले की ओर जा रहे थे । उड़ान के महज 13 मिनट बाद उनके हेलिकॉप्टर का संपर्क शोन्गशान मिलिट्री बेस से टूट गया।

इस हेलिकॉप्टर क्रैश में शेन-ई- मिंग (Shen Yi-ming) के अलावा दो जेनेरल रैंक के अधिकारी, तीन केबिन क्रू और मिलिट्री इंटेलीजेंस के दो वरिष्ठ अफसर मारे गए।

अपनी मौत के ठीक दो दिन पहले शेन-ई- मिंग (Shen Yi-ming) ने एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने चीन पर दुनिया के खिलाफ जैविक युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कोरोना और कुछ नहीं, चीन द्वारा तैयार किया गया जैविक हथियार है जो वह अपने प्रतियोगी मुल्कों को बर्बाद करने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। ताईवान के सेना प्रमुख ने यह भी दावा किया था कि कोरोना के अलावा भी चीन ने घातक वायरस तैयार कर रखे हैं, जिनका प्रयोग वह भविष्य में करने वाला है और यह तबतक चलता रहेगा जबतक यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे देश घुटनों पर न आ जाएं ।

दोनों ने अपनी मौत के दो दिन पहले चीन द्वारा जैविक युद्ध की चर्चा की थी
दोनों ने अपनी मौत के दो दिन पहले चीन द्वारा जैविक युद्ध की चर्चा की थी

8 दिसम्बर 2021
ताइवानी सेना प्रमुख के हेलिकॉप्टर क्रैश के लगभग एक साल बाद ठीक उसी स्टाइल में भारत में एक हेलिकॉप्टर क्रैश होता है। भारत के पहले चीफ डिफेस ऑफ स्टाफ (CDS) जनरल विपिन रावत सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तमिलनाडु के वेलिंगटन मिलिट्री बेस की ओर उड़ान भर रहे थे ।

उड़ान के महज 10 मिनट बाद उनके हेलिकॉप्टर का संपर्क मिलिट्री बेस से टूटा और फिर खबर आई की हेलिकॉप्टर में सवार 14 में से 13 लोगों की मौत हो चुकी है। ये भी एक संयोग ही है कि अपनी मौत से ठीक दो दिन पहले सीडीएस विपिन रावत ने चेतावनी दी थी कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई जैविक युद्ध में बदल सकती है । उन्होंने कहा था कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने चेतावनी दी कि यह महामारी जैविक युद्ध में बदल सकती है।

जनरल रावत ने कहा कि ऐसे हालात में विश्व के सभी देशों को इसका मुकाबला करने के लिए तैयार रहना चाहिए। बिम्सटेक के सदस्य देशों से जुड़े आपदा प्रबंधन अभ्यास के शुभारंभ के मौके पर सीडीएस ने यह बात कही। कार्यक्रम में भारत, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, भूटान, थाईलैंड, श्रीलंका आदि देश भाग ले रहे थे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *