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  • सीएम नीतीश ने भोजपुर जिले में 57 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास किया, आरा सांसद ने न मिलने पर जताई नाराजगी

    सीएम नीतीश ने भोजपुर जिले में 57 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास किया, आरा सांसद ने न मिलने पर जताई नाराजगी

    सीएम नीतीश ने भोजपुर जिले में 57 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास किया, आरा सांसद ने न मिलने पर जताई नाराजगी

    भोजपुर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 5 सितंबर को भोजपुर जिले में कुल 57 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर, सीएम नीतीश कुमार आरा के निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे और इसके सुचारू निर्माण के लिए कई निर्देश दिए। इसके बाद, वह बड़हरा विधानसभा क्षेत्र के बखोरापुर गांव में गए, जहाँ उन्होंने दो दर्जन से अधिक योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

    मुख्यमंत्री ने बखोरापुर के खेल मैदान में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया, जो कार्यक्रम का आकर्षण केंद्र बने। इस दौरान बड़हरा में एक पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन भी किया गया।

    हालांकि, मुख्यमंत्री की इस यात्रा के दौरान आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं दी गई और इस कारण उनका अपमान हुआ है। सुदामा प्रसाद ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को पटना में ही इन योजनाओं का शिलान्यास करना चाहिए था, और इस आयोजन की भव्यता की कोई आवश्यकता नहीं थी।

    सांसद की नाराजगी के बावजूद, जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तत्परता दिखाई। भोजपुर जिला अधिकारी राजकुमार ने निरीक्षण कार्य की पूरी निगरानी की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, और भारतीय जनता पार्टी और जदयू के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही।

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह यात्रा भोजपुर जिले में विकास कार्यों को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।

  • अररिया सांसद को कुख्यात गैंगस्टर के भाई ने दी जान से मारने की धमकी, जानें पूरी खबर

    अररिया सांसद को कुख्यात गैंगस्टर के भाई ने दी जान से मारने की धमकी, जानें पूरी खबर

    अररिया सांसद को कुख्यात गैंगस्टर के भाई ने दी जान से मारने की धमकी, जानें पूरी खबर

    अररिया के भाजपा सांसद प्रदीप कुमार सिंह को जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी एक नेपाली मोबाइल नंबर से भेजी गई है, और इसके पीछे जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर दिनेश राठौर के भाई विनोद राठौर का हाथ बताया जा रहा है। सांसद को भेजे गए टेक्स्ट मैसेज में 10 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की गई है और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी गई है।

    सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक को एक लिखित आवेदन देकर इस मामले की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि 27 अगस्त की दोपहर करीब 1 बजकर 51 मिनट पर उनके मोबाइल पर दो बार फोन कॉल आए थे, जो नेपाल के मोबाइल नंबर से थे। फोन कॉल रिसीव न करने के बाद, उन्हें उसी नंबर से एक टेक्स्ट मैसेज प्राप्त हुआ जिसमें उन्हें धमकी दी गई थी।

    मैसेज में लिखा गया था, “यह मेरी आखिरी वार्निंग है। मेरे भाई दिनेश राठौर को जेल से छुड़ाओ और 10 लाख रुपये जेल गेट पर भेजो, नहीं तो अररिया जिले में कहीं भी किसी समय बम, गोलियों से उड़ा देंगे।”

    सांसद ने इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए नगर थाना में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने 1 सितंबर 2024 को नेपाली नंबर से आए मैसेज को देखा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस को सूचित किया। सांसद ने आरोप लगाया कि वह लंबे समय से अपराधी दिनेश राठौर और उसके गैंग के निशाने पर हैं।

    नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पुलिस अब इस धमकी की गंभीरता और संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

    इस घटना ने इलाके में सुरक्षा की चिंता को बढ़ा दिया है और स्थानीय लोगों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।

  • गिरिराज सिंह का विवादित बयान: घुसपैठ और सामाजिक बदलाव पर उठाए सवाल

    गिरिराज सिंह का विवादित बयान: घुसपैठ और सामाजिक बदलाव पर उठाए सवाल

    गिरिराज सिंह का विवादित बयान: घुसपैठ और सामाजिक बदलाव पर उठाए सवाल

    केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने पूर्णिया में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में बयान दिया है जो विवादों को जन्म दे सकता है। सिंह ने कहा कि यदि पंडित नेहरू ने देश के विभाजन के समय मुसलमानों को पाकिस्तान और हिंदुओं को भारत लाया होता, तो आज देश की सामाजिक व्यवस्था बेहतर होती। उनके अनुसार, बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदू अपनी ज़मीन की लड़ाई लड़ रहे हैं, जबकि मुसलमान घुसपैठ कर रहे हैं।

    घुसपैठ और सामाजिक व्यवस्था पर गिरिराज सिंह का बयान:

    गिरिराज सिंह ने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदू अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि मुसलमान घुसपैठ कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीमांचल क्षेत्र जैसे किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है, और यह स्थिति चिंता का विषय है। सिंह ने इन इलाकों में हिंदू संगठनों के साथ बड़ी बैठक की तैयारी की बात की और कहा कि इन जिलों में बढ़ती जनसंख्या के कारण स्थिति बिगड़ रही है।

    ‘जब तक हिंदू है, तब तक लोकतंत्र है’

    गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि जब तक हिंदू समुदाय है, तब तक लोकतंत्र कायम रहेगा। यह बयान विशेष रूप से उस समय आया है जब भारत में धार्मिक और जातीय मुद्दों पर तीखी बहस हो रही है।

    इस बयान के बाद, यह स्पष्ट है कि गिरिराज सिंह का ध्यान सीमांचल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की ओर है, जहां जनसंख्या परिवर्तन को लेकर चिंता जताई जा रही है। उनके बयान ने एक बार फिर समाज में धर्म और जनसंख्या के मुद्दे को लेकर चर्चा को तूल दिया है।

  • गोपालगंज: सीआरपीएफ जवान ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को गंडक नदी में फेंका, NDRF सर्च अभियान में जुटी

    गोपालगंज: सीआरपीएफ जवान ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को गंडक नदी में फेंका, NDRF सर्च अभियान में जुटी

    गोपालगंज: सीआरपीएफ जवान ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को गंडक नदी में फेंका, NDRF सर्च अभियान में जुटी

    गोपालगंज, 3 सितंबर 2024: गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के बंगरा घाट पर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण एक सीआरपीएफ जवान ने अपनी पत्नी को बंगरा पुल से गंडक नदी में फेंक दिया। लापता महिला की पहचान गुड़िया कुमारी के रूप में हुई है, जो सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र के सेमराहा गांव की निवासी थी। गुड़िया की शादी 2019 में मसरख थाना क्षेत्र के सपहा गांव निवासी मनीष कुमार सिंह से हुई थी।

    महिला के मायके वालों का आरोप

    महिला के भाई मुकेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी बहन को ससुराल में दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के दिन भी सास ने गुड़िया की मारपीट की थी। रविवार की रात, मनीष कुमार सिंह ने अपनी पत्नी को बंगरा पुल पर ले जाकर गंडक नदी में फेंक दिया। उन्होंने परिवार वालों को सूचना दी कि उसकी बहन सेल्फी लेते समय पुल से नदी में गिर गई है।

    एनडीआरएफ का सर्च अभियान जारी

    घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय सीओ गौतम सिंह के नेतृत्व में एनडीआरएफ की टीम ने गंडक नदी में लापता महिला की तलाश के लिए सर्च अभियान शुरू कर दिया है। महिला की एक छह माह की बेटी भी है, और पति मनीष कुमार सिंह वर्तमान में दिल्ली में सीआरपीएफ की 200 बटालियन में तैनात है।

    दहेज की मांग और प्रताड़ना

    परिजनों के अनुसार, मनीष कुमार सिंह ने दहेज के लिए गुड़िया को बार-बार धमकाया और हत्या की धमकी दी। इस दुखद घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है, और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा की कुरीतियों को उजागर किया है और समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

  • बिहार के नए डीजीपी बने आलोक राज, 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी

    बिहार के नए डीजीपी बने आलोक राज, 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी

    बिहार के नए डीजीपी बने आलोक राज, 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी

    पटना: बिहार में पुलिस महकमे के शीर्ष पद पर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने निगरानी विभाग के डीजी आलोक राज को बिहार पुलिस का नया डीजीपी नियुक्त किया है। उन्हें डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जो पूर्व डीजीपी आरएस भट्टी की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के चलते रिक्त हुआ था।

    आलोक राज, जो 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, अब अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक, बिहार, पटना के रूप में भी कार्य करेंगे। यह आदेश बिहार के राज्यपाल के निर्देश पर जारी किया गया है और अधिसूचना पर हस्ताक्षर एम.एस. रिजवानी द्वारा किए गए हैं।

    आलोक राज की नियुक्ति के साथ ही राज्य सरकार ने उनके कंधों पर कानून व्यवस्था को बनाए रखने और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और भी सुदृढ़ बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह निर्णय राज्य में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    आलोक राज की नियुक्ति पर विभिन्न राजनीतिक और समाजिक वर्गों की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं, और उनकी नेतृत्व क्षमता पर विश्वास जताया जा रहा है।

  • मोरम उत्खनन का धंधा ले चुका है कुटीर उद्योग का रूप

    मोरम उत्खनन का धंधा ले चुका है कुटीर उद्योग का रूप

    मरकच्चो :-  प्रखंड में मोरम उत्खनन का धंधा कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। क्षेत्र में इन दिनों मोरम का अवैध उत्खनन बेखौप जारी है। इस धंधे में शामिल खनन माफिया प्रतिदिन अवैध खनन कर मालामाल हो रहे हैं। वहीं सरकार को लाखों रुपए  राजस्व का चूना लग रहा है। मोरम का अवैध उत्खनन प्रखंड के  तेलोडीह पंचायत अंतर्गत तिलैया गांव के समीप व्यापक पैमाने पर किया जा रहा है। इस धंधे में शामिल माफिया द्वारा जेसीबी मशीन का उपयोग कर पहले उत्खनन का कार्य किया जाता है और बाद में मजदूरों द्वारा चालने में चाल कर मिट्टी को अलग कर मोरम को जमा किया जाता है और शाम होते ही इकट्ठा किया गया मोरम को ट्रकों में लोड कर माफिया बेखौफ हो कर मरकच्चो, नवलशाही, जयनगर, डोमचांच व कोडरमा थाना के रास्ते बिहार के लिए भेजा जाता है। बिहार में प्रति ट्रक चालीस से पचास हजार रुपए की कीमत पर मोरम को बेचा जाता है। ग्रामीण बताते हैं कि इस तरह का मोरम के अवैध उत्खनन का खेल कई वर्षों से किया जा रहा है। वहीं इस संबंध में सीओ परमेश्वर कुशवाह ने बताया कि उन्हें इस संबंध मे जानकारी नहीं है अगर ऐसा हो रहा है तो वो जांच कर कार्यवाई करेंगे।

  • महाशिवरात्रि को ले ध्वजधारीधाम का एसडीओ और एसडीपीओ ने किया निरीक्षण

    महाशिवरात्रि को ले ध्वजधारीधाम का एसडीओ और एसडीपीओ ने किया निरीक्षण

    ध्वजधारीधाम में दो दिवसीय लगेगा मेला 8 से,झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों से पहुचते है हजारो श्रद्धालु
    झुमरीतिलैया :- महाशिवरात्रि को लेकर अभ्रक नगरी में तैयारी शुरू हो गई है।जिले के विभिन्न शिव मंदिरों में 8 मार्च को विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर रूप रेखा में मंदिर के सदस्य जुट गए है।झुमरीतिलैया सहित जिले के विभिन्न इलाकों में इस दिन शिव बारात निकालने के साथ-साथ भजन कीर्तन अखंड हरी कीर्तन के लिए गायकों की बुकिंग व भंडारे के लिए कैटरर की भी बुकिंग की गई है।मंदिर का रंग-रोगन लाइटिंग सज्जा की भी तैयारी की जा रही है।शहर के झरनाकुण्ड में भी हजारो शिव भक्त पूजा-अर्चना के लिए जुटते है।इधर कोडरमा के ध्वजाधारीधाम में दो दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है।8-9 मार्च को झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त 777 सीढ़ी चढ़कर बाबा भोलेनाथ को जलाभिषेक करेंगें।महामंडलेश्वर सुखदेव दास जी ने बताया कि यहां पूजा के अलावा मेले का भी आयोजन होता है।दो दिवसीय मेले में अखंड हरी कीर्तन और भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।इधर शुक्रवार को अनुमंडल पदाधिकारी रिया सिंह,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जीतवाहन उरांव 777 सीढ़ी चढ़कर जायजा लिया।और महामंडलेश्वर सुखदेव दास जी से मिलकर बातचीत की।बताया जाता है कि मेले को देखते हुए ध्वजाधारी धाम में अस्थाई कार्यालय बनाया जाएगा।जहां पुलिस पदाधिकारी और दंडाधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।वहीं नगर पंचायत साफ सफाई,पेयजल आदि की व्यवस्था करेगा।वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी कैम्प का आयोजन करती है।एसडीओ और एसडीपीओ ने इसकी समीक्षा की।
  • नहीं रहे दारोगा गुप्तेश्वर राम, सासाराम के थे रहने वाले, सिमरिया पुलिस में शोक

    उज्ज्वल दुनिया, चतरा(गीतांजली)। चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के शिला ओपी प्रभारी गुप्तेश्वर राम नहीं रहे।

    उनका निधन मंगलवार की रात हृदय गति रुक जाने से हो गया।

    वे बिहार के सासाराम के रहने वाले थे। उनके निधन से शोक की लहर है।

    ओपी प्रभारी के रूप में उन्होंने यहां एक साल पहले योगदान दिया था।

    तब से वे निष्ठा पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे।

    अपने छोटे से कार्यकाल में उन्होंने काफी उपलब्धियां अर्जित की।

    ग्रामीणों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करना उनकी खूबी थी।

    पिछले कुछ दिनों से वे अस्वस्थ थे। बीती रात उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई।

    उनके सीने में असहनीय दर्द था और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल हजारीबाग ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

    निधन के बाद उनका शव चतरा सदर अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम किया गया।

    उनके असामयिक निधन से सिमरिया पुलिस में शोक की लहर है।

  • बिहार से पकड़ा गया इंदल गंझू के दस्ते का यह उग्रवादी

    उज्ज्वल दुनिया, इटखोरी (चतरा) गीतांजलि। चतरा जिले के इटखोरी थाना पुलिस ने बिहार के गया जिला स्थित बाराचट्टी पुलिस के सहयोग से बुधवार की रात कुख्यात माओवादी नक्सली इंदल गंझू के दस्ते के सदस्य डेगन सिंह भोक्ता को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

    उग्रवादी डेगन की गिरफ्तारी बाराचट्टी थाना क्षेत्र के जयगीर गांव से हुई है।

    इटखोरी पुलिस को कांड संख्या 123/2019 में उग्रवादी डेगन की तलाश थी।

    गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को स्थानीय थाने की पुलिस ने उग्रवादी डेगन को चतरा जेल भेज दिया है।

    थाना प्रभारी निरंजन कुमार मिश्र ने बताया कि वर्ष 2019 में झारखंड में हुए विधानसभा चुनाव के वक्त इंदल गंझू के दस्ते के साथ डेगन सिंह भोक्ता थाना क्षेत्र के बेलहरी गांव के जंगल में किसी विध्वंसक कार्रवाई को अंजाम देने की साजिश रच रहा था।

    समय रहते पुलिस को खबर मिल जाने की वजह से उस समय उग्रवादी किसी घटना को अंजाम नहीं दे पाए थे।

    उस वक्त पुलिस के चलाए गए अभियान में हार्डकोर उग्रवादी समर्थक राम लखन सिंह भोक्ता बंदूक की कुछ गोलियों के साथ गिरफ्तार हुआ था।

    लेकिन जंगल का लाभ उठाकर इंदल गंझू के दस्ते के साथ डेगन सिंह भोक्ता वहां से भागने में कामयाब हो गया था।

    तब से इस उग्रवादी की स्थानीय थाना की पुलिस को तलाश थी।

    इसी बीच बुधवार को यह सूचना मिली कि उग्रवादी डेगन सिंह भोक्ता अपने गांव जयगीर आया हुआ है।

    ऐसी सूचना मिलने के बाद इटखोरी थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया।

    पुलिस टीम के सदस्यों ने बाराचट्टी थाना पुलिस के सहयोग से जयगीर गांव में छापेमारी कर उग्रवादी डेगन को गिरफ्तार कर लिया।

  • पूर्णिया में निगरानी विभाग ने श्रम अधीक्षक को 55 हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

    उज्ज्वल दुनिया, पूर्णिया(बिहार)। पूर्णिया में निगरानी विभाग ने श्रम अधीक्षक को कार्यालय में 55 हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

    मामले की सूचना मिलने पर सत्यापित करने के बाद निगरानी विभाग ने कार्रवाई की।

    श्रम अधीक्षक और उसके सहयोगी को कार्यालय परिसर से गिरफ्तार किया गया।

    बकाया जमा करने के लिए 55 हजार रुपए घूस मांगे गए थे।

     

    विजय कुमार नाम के एक व्यवसायी ने निगरानी विभाग को शिकायत की थी कि पूर्णिया के श्रम अधीक्षक कुमार आलोक रंजन उनसे पुराने भुगतान के के लिए 55 हजार रुपए घूस मांग रहे हैं।

    शिकायत के बाद निगरानी विभाग ने नजर रखनी शुरू की और जाल बिछाकर श्रम अधीक्षक के साथ उसके सहयोगी मनोज कुमार को रंगेहाथ दबोच लिया।

    निगरानी विभाग के डीएसपी अरुण पासवान ने बताया कि विजय कुमार ने यह आवेदन दिया था कि उनकी बकाया राशि 1,99,500 रुपए जमा करने के लिए वह श्रम विभाग का कार्यालय गए।

    श्रम अधीक्षक ने उन्हें बताया कि वह जाकर विभाग के अन्य कर्मी मुकेश कुमार से संपर्क करें।

    मनोज कुमार ने इस राशि के भुगतान के लिए 50 हजार रुपए घूस मांगे।

    विजिलेंस ने जाल बिछाकर विजय कुमार को 55 हजार रुपए देने को कहा।

    जैसे ही विजय कुमार ने उस तक पैसे पहुंचाए, निगरानी विभाग ने उसे धर दबोचा।