स्पेशल जज डी. ई. कोठालिकर (D.E.Kothalikar) ने कहा कि जो सबूत हमारे सामने आए हैं, उनसे ये प्रतीत होता है कि Stan Swamy माओवादी संगठन से न सिर्फ जुड़ा हुआ था बल्कि इस शख्स ने कई युवाओं को banned संगठन से जोड़ा है ।

NIA की स्पेशल कोर्ट ने 83 साल के Stan Swamy की बेल reject करते हुए कई गंभीर टिप्पणी की है । कोर्ट ने कहा कि stan Swamy खुद को धर्मगुरु कहता है, लेकिन एक धर्मगुरु होकर भी यह यलगार परिषद और माओवादियों से संबंध रखता है ।
यलगार परिषद और माओवादियों के बीच की कड़ी है स्टेन स्वामी
कोर्ट ने कहा कि जो सबूत हमारे सामने पेश किए गये हैं उससे यह साबित होता है कि Stan Swamy का संबंध न सिर्फ इन दोनों संगठनो से था बल्कि Stan Swamy ही इन दोनों संगठनों के बीच की कड़ी था ।
Stan Swamy ने देश के अंदर उपद्रव भड़काने की साजिश रची
स्पेशल कोर्ट ने कहा कि prima facie यह बात साबित होता है कि Stan Swamy ने प्रतिबंधित संगठनों के साथ मिलकर इस देश को अस्थिर करने की साजिश रची। ऐसे खतरनाक इंसान को हम जमानत नहीं दे सकते ।
स्पेशल जज DE Kothalikar ने कहा कि अदालत Stan Swamy की जमानत याचिका ठोस सबूतों और material on record के आधार पर खारिज करती है।