Tuesday 3rd of March 2026 04:09:24 AM
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कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए किया गया सामूहिक पिंडदान

धार्मिक विधि-विधान के अनुसार फल्गु नदी के तट पर संपन्न हुई श्राद्ध व पिंडदान की प्रक्रिया
धार्मिक विधि-विधान के अनुसार फल्गु नदी के तट पर संपन्न हुई श्राद्ध व पिंडदान की प्रक्रिया

गया से श्रीकांत

गया: कोरोना महामारी से संक्रमित लोगों की जान बचाने के लिए पूरा महकमा लगा हुआ है। सरकार से लेकर जिला प्रशासन एवं स्थानीय लोग भी हरसंभव एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। वही अब कोरोना से मरने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए भी लोगों ने धार्मिक अनुष्ठान शुरू कर दिया है।

इसी क्रम में शहर के फल्गु नदी के तट पर स्थित देवघाट पर कोरोना महामारी से मृत लोगों का सामूहिक पिंडदान किया गया।

कोरोना महामारी की दूसरी लहर में कई लोगो ने अपनी जान गवाई है। यहां तक कि कई लोगो का अंतिम संस्कार भी धार्मिक विधि-विधान से नही हो पाया था। कई लोगों के शव नदी अथवा सुनसान जगह पर लावारिश ही फेंक दिए गए। जिनका अंतिम संस्कार नगर निगम अथवा जिला प्रशासन द्वारा जैसे-तैसे कराया गया।

आज अमावस्या के दिन अंतः सलिला फल्गु के तट पर कोरोना महामारी से जान गवाने वाले लोगों की आत्मा की मोक्ष प्राप्ति के लिए सामूहिक श्राद्ध व पिंडदान किया गया।

मृत आत्माओं की शांति के लिए तर्पण
मृत आत्माओं की शांति के लिए तर्पण

शिवानंद सत्संकल्प फाउंडेशन हैदराबाद और आंध्र तेलंगाना भवन के प्रमुख संयोजक मनोहर लाल एवं परम सतगुरु श्री कंदुकुरी शिवानंद मूर्ति जी के तत्वावधान में इस सामूहिक पिंडदान का आयोजन किया गया है।

इस संबंध में आंध्र तेलंगाना भवन के प्रमुख संयोजक मनोहर लाल ने कहा कि तेलंगाना भवन द्वारा पिछली 8 पीढ़ी से दक्षिण भारतीय यात्रीयो के पूर्वजों के लिए पिंडदान की व्यवस्था करते आये हैं। पिंडदान में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व हैं। इस लिए आज अमावस्या तिथि के दिन इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से मरने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए सामूहिक पिंडदान व श्राद्ध कर्मकांड की प्रक्रिया पूरे विधि-विधान से की गई है। ताकि जिन लोगों की कोरोना से मृत्यु हुई है, उनकी आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति हो सके।

वही मनोहर लाल के पुत्र राहुल कुमार ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान कई लोगों के शव का अंतिम संस्कार विधि-विधान से नहीं हो पाया। इसी को ध्यान में रखते हुए सामूहिक पिंडदान व श्राद्ध कर्मकांड किया गया है। जिसमें प्रमुख पुजारी गणेश शास्त्री के द्वारा पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई गई है। वहीं स्थानीय पंडो द्वारा पिंडदान का संकल्प लिया गया है। ताकि कोरोना से मरने वाले लोगों की आत्मा की शांति हो सके। पूरे धार्मिक मंत्रोच्चारण के साथ के साथ पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई गई है।

हालांकि इस कार्यक्रम के दौरान सरकार द्वारा निर्धारित कोरोना गाइडलाईन का भी पालन किया गया। साथ ही पुजारियों एवं सहयोगियों को भी कोविद किट बांटी गयी ।

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