राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी तैयार, डिम्पल यादव का नाम लिस्ट से बाहर

लखनऊ: राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपना स्टैन्ड क्लियर कर दिया है. विधायकों की मौजूदा संख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश में खाली होने वाले 11 सीट में से तीन सपा के खाते में है जिसपर पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. सपा ने जावेद अली को राज्यसभा के लिए पार्टी का कैंडिडेट बनाया है. इसके साथ ही निर्दलीय प्रत्याशी कपिल सिब्बल को समाजवादी पार्टी का समर्थन मिल रहा है और साथ ही पार्टी आरएलडी के जयंत चौधरी को अपना समर्थन देने जा रही है. इस तरह से अखिलेश ने अपने कोर वोटबैंक का एक तरफ ख्याल रखा तो दूसरी तरफ 2024 के चुनाव को देखते हुए जयंत के साथ दोस्ती को बनाए रखने का सियासी दांव चला है.

2022 विधानसभा चुनाव में सपा-आरएलडी ने मिलकर लड़ा था, उस वक्त सीट शेयरिंग के दौरान अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी को राज्यसभा भेजने का वादा किया था. ऐसे में गुरुवार को सपा ने ट्वीट कर कहा कि ‘जयंत चौधरी समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल से राज्यसभा के संयुक्त प्रत्याशी होंगे.

सिब्बल को साधकर आजम पर दांव

अखिलेश यादव ने एक राज्यसभा सीट पर पूर्व कांग्रेसी कपिल सिब्बल को समर्थन देने का ऐलान किया है. सपा ने सिब्बल को समर्थन देने के कदम को पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत दिलाने में मदद करने के लिए एक बदले के रूप में देखा जा रहा है. आजम खान ने खुद भी कहा था कि अगर सपा सिब्बल को राज्यसभा भेजेगी तो उन्हें खुशी होगी.

अखिलेश ने कपिल सिब्बल के जरिए आजम की नाराजगी को दूर करने का दांव चला है. इसके संकेत इस तरह भी मिलते हैं कि सपा प्रमुख अखिलेश ने जिस दिन सिब्बल को राज्यसभा के लिए समर्थन का ऐलान किया तो उसी दिन विधानसभा में आजम खान के मुद्दे को उठाया. अखिलेश यादव ने सदन में कहा कि सरकार ने जिस तरह से बदले की कार्रवाई के भावना में आजम खान के खिलाफ मुकदमें लिखे गए हैं, वो उचित नहीं है. इस तरह सदन के पटल पर पहली बार आजम खान के मुद्दे को उठाकर अखिलेश ने उनकी भी नाराजगी दूर करने की कोशिश की है.

 

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