आज हमारे बीच नहीं है तीन वर्षीय अयांश, पर दुनिया देखेगी उसकी आंखें

अयाश की आखों से कोई दुनिया देखेगा
अयांश नारायण की आखों से कोई दुनिया देखेगा

उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ अजय निराला

हजारीबाग। आज तीन वर्षीय मासूम अयांश नारायण हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसकी आंखें दुनिया देखेंगी। हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के पूर्व सरपंच गोविंद नारायण के छोटे पुत्र विभाकर नारायण के तीन वर्षीय पुत्र अयांश नारायण की आंखों को उसकी मौत के पहले दान कर दिया गया।

बताया गया कि अयांश कि मां रश्मि व पिता विभाकर नारायण दोनों इंदौर के बैंक में कार्यरत हैं।उनका बेटा नहीं रहा पर उसकी आंखें दुनिया देखेगी। अयांश का शब्दार्थ प्रकाश की पहली किरण होता है। बैंक में कार्यरत दंपती का मानना है कि भले अयांश उनके बीच नहीं है, लेकिन उसकी आंखें किसी और की दुनिया को रोशन करेगी। अयांश की आंखें दुनिया देखेगी, इसी से उन्हें तसल्ली मिलती रहेगी।

अयांश नारायण को बचपन से ही हार्ट की बीमारी थी। बेंगलुरु में दो सर्जरी हो चुकी थी। उसे दो दिन से सर्दी जुकाम भी था। शनिवार को उसकी सांस लेने में परेशानी होने लगी, तो परिजन बॉम्बे हॉस्पिटल ले गए। वहां उसकी मौत हो गई। मौत के पहले मां रश्मि ने धैर्य रखा और बच्चे की आंखें दान करने की इच्छा जताई। मुस्कान ग्रुप के सेवादार जितेंद्र बकानी व संदीपन आर्य से संपर्क किया।

मुंबई हॉस्पिटल के डॉ अमित जोशी व एमके इंटरनेशनल आई बैंक के गोपाल सिरोके ने समन्वय किया और आंखें दान करने की प्रक्रिया को पूरी कराई गई। मृतक के दादा पूर्व सरपंच गोविंद नारायण, दादी पुष्पा देवी, प्रभाकर नारायण, सरिता नारायण, भास्कर नारायण, सुमन नारायण, सूर्यवंशी नारायण, अर्पणा रंजन समेत पूरा परिवार मासूम की मौत से आहत हैं।

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