बिहार के 16 जिले में बालू उत्खनन कार्य बंद, हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया

पटना: बिहार में एक जून से नदियों से बालू उठाव का कार्य बंद हो गया है. बालू उठाव का कार्य नए सिरे से जिलों की सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर हो सकेगा. ये आदेश पटना हाईकोर्ट की तरफ से दिया गया है. इससे पहले ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर जुलाई से सितंबर तक खनन कार्य बंद रहता था. इस बार जून से ही खनन कार्य बंद रहेगा. महीने भर पहले बालू खनन बंद होने के बाद भी खान एवं भू-तत्व विभाग ने दावा किया है कि राज्य में पर्याप्त मात्रा में बालू का भंडार है. नए सिरे से बालू खनन के लिए बंदोबस्त जिलों के माध्यम से होगा.

खान एवं भू-तत्व विभाग के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में फिलहाल 16 जिलों से बालू का खनन हो रहा था. जिन जिलों में खनन हो रहा था, वहां के बंदोबस्तधारियों से 31 मई तक का राजस्व लिया गया था. सूत्रों ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने नवंबर 2021 में पारित अपने आदेश में राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि सभी जिलों को जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डीएसआर) बनाकर पेश करें. इसके बाद ही नए सिरे से बंदोबस्ती के लिए आदेश दिए जाएंगे.

विभाग का दावा है कि जिलों ने सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिस पर पर्यावरणीय स्वीकृति भी प्राप्त की जा चुकी है। रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी. अनुमति प्राप्त होने पर नदी घाटों की बंदोबस्ती के लिए नए सिरे से टेंडर जारी होगा.

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