नई सरकार के आने बाद पंजाब में रेत तीन गुना महंगा, सरकार अपने कंट्रोल में ले सकती है खनन कार्य

चंडीगढ़ः बढ़ती महंगाई के बीच पंजाब की जनता को एक ओर झटका लगा है. पंजाब में मान सरकार के गठन के बाद से ही राज्य में रेत की कीमत आसमान छु रही है. रेत की कीमतों में तीन गुना तक इजाफा देखने को मिल रहा है. इस वजह से कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है. बढ़ती कीमतों को देखते हुए अब भगवंत मान सरकार ने रेत खनन का काम अपने हाथ में लेने की कवायद शुरू कर दी है.

आपको बता दे कि मान सरकार के आने से पहले जहां एक हजार क्यूबिक फुट रेत की ट्रॉली 14 -18 हजार रुपये में मिल जाती थी, वो अब 40 हजार रुपये तक पहुंच गई है. पंजाब में कुल सात खनन समूहों में से चार ठप हैं. केवल होशियारपुर, लुधियाना और पठानकोट क्लस्टर फिलहाल चालू हैं. फिलहाल मोहाली क्लस्टर भी राज्य सरकार की जांच के दायरे में है. मोहाली में मोहाली, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब जिलों में उत्खनन स्थल हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार इसी हफ्ते फिरोजपुर क्लस्टर का अधिग्रहण कर सकती है. इसके तहत मोगा, फिरोजपुर, मुक्तसर, फाजिल्का, बठिंडा और फरीदकोट जिलों की रेत खदानें आती हैं. खनन मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि अमृतसर और फिरोजपुर खनन क्लस्टर के अनुबंध को समाप्त कर दिया गया है. शुल्क का भुगतान न करने पर रूपनगर और मोहाली क्लस्टर के संचालन को भी निलंबित कर दिया गया है.

पंजाब के विधानसभा चुनावों में भी रेत खनन एक प्रमुख मुद्दा रहा था. राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर अवैध खनन कारोबार चलाने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के खूब आरोप लगाए थे. हाल ही में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध रेत खनन मामले में पांच घंटे तक पूछताछ की थी. चन्नी पर अवैध रेत खनन और अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से करोड़ों की कमाई करने का आरोप है.

 

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