साहिबगंजः पत्थर लदे आधा दर्जन ट्रक गंगा नदी में डूबे, दर्जनों लोगों की मौत

सूर्यास्त के बाद फेरी सेवा पर है प्रतिबंध, फिर किसके आदेश पर रात मे संचालित थी एलसीटी
सूर्यास्त के बाद फेरी सेवा पर है प्रतिबंध, फिर किसके आदेश पर रात मे संचालित थी एलसीटी

नीरज कुमार जैन/ब्यूरो, उज्ज्वल दुनिया

साहिबगंज ।  साहिबगंज और बिहार के मनिहारी के बीच चलने वाली फेरी सेवा के तहत संचालित एक मालवाहक जहाज (एलसीटी) गुरुवार की देर रात को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जिसमे आधे दर्जन से अधिक पत्थर चिप्स लोड ट्रक व हाइवा गंगा नदी में  समा गए। सूत्रों के अनुसार एलसीटी साहिबगंज के गरमाघाट से 14 स्टोन चिप्स लोड ट्रक व हाइवा लोड कर मनिहारी बिहार के लिए देर शाम प्रस्थान किया। लेकिन मनिहारी (बिहार) पहुंचने से पहले रात्रि करीब पौने ग्यारह बजे हादसा हुआ। कोई दुर्घटना का कारण एलसीटी का संतुलन बिगड़ना तो कोई लोड हाइवा मे किसी एक हाइवा का चक्का ब्लास्ट  होना बता रहा है।फिलहाल आधे दर्जन ट्रक व हाइवा के साथ चालक, खलासी लापता है। जिनकी तलाश मे एनडीआरफ की टीम लगी है।

रात में एलटीसी परिचालन पर है प्रतिबंध

जिला में फेरी सेवा घाट प्रबंधक नियम को ताख पर रखकर रात्रि के समय मालवाहक जहाज चला रहे हैं, जो गैरकानूनी है। जानकारी रहे कि रात के समय ही दुर्घटनाएं हो रही है। घाट प्रबंधक लोगों के जीवन से खिलवाड़ करते नजर आ रहे हैं। साल भर मे यह तीसरी बड़ी घटना है।पहली घटना 16 फरवरी को समदा घाट पर रात के समय हुई थी। वहीं, 23 नवंबर को राजमहल गंगा घाट में रात में ही मालवाहक जहाज ओवरलोडेड ट्रक को लेकर बंगाल घाट के लिए जा रहा था। जिसके बाद जहाज डगमगाने से सभी ट्रक गंगा मे समा गए। जिसमें जिले के कई ड्राइवर और खलासी की मौत हो गई। जिसके बाद भी प्रशासन इतनी बड़ी घटना से नहीं चेता। रसूदखोरो के ईर्द गिर्द रह मुनाफाखोरों के लिए कार्य करते है।

क्या कहते हैं डीसी-एसपी ?

साहिबगंज के डीसी डाँ. रामनिवास यादव, एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा सूचना के बाद पहुंच गए। उन्होंने बताया कि जांच के बाद ही लापता लोगो की वास्तविक संख्या बताया जा सकता है। फिलहाल मालवाहक जहाज को गरमघाट लाया गया है। उस पर कई हाइवा अब भी उल्टे हुए हैं। दुर्घटनाग्रस्त मालवाहक जहाज गरमघाट से मनिहारी के लिए खुला था। डीसी ने दुर्घटनाग्रस्त एलसीटी का निरीक्षण के बाद संवाददाताओं को बताया कि बचाव व राहत कार्य मे देवघर एनडीआरएफ की टीम जुटी है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गुरुवार की शाम को नदी में मालवाहक जहाज में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी। उसे ठीक कर चलाने के दौरान जहाज पर लोड ट्रकों का संतुलन बिगड़ जाने से यह हादसा हुआ। एलसीटी कितने बजे प्रस्थान किया था, इसका पता लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कितने चालक व खलासी लापता हैं, यह अभी साफ नहीं है। डीसी ने बताया कि झारखंड बेसल्स रूल के तहत सर्वेयर को मौके पर बुलाकर घटना की जांच कराई जाएगी। ऐसी घटना की पुर्नावृति न हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

विधानसभा में नाव हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते भाजपा विधायक अनंत ओझा और अमर बाउरी
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जानकारी रहे कि ओवर टिप और अधिक कमाई के चक्कर में फेरी सेवा घाट प्रबंधक रात के समय जहाज चला रहे हैं। और ऐसी भी बात नहीं है कि जिला प्रशासन रात मे फेरीसेवा से अनिभिज्ञ है। मुनाफाखोर सरकार के करीबी है फलतः प्रशासन मूकदर्शक बनी है। कायदे से घाट प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई करे। वहीं, सारे घाट प्रबंधकों को जानकारी है कि सूर्यास्त के बाद  फेरीसेवा (मालवाहक जहाज) बंद रहेंगे। लेकिन रात्रि में मालवाहक चलाने से घटनाएं घट रही है।

शवों की संख्या छुपाने में जुटा प्रशासन- भाजपा

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि गंगा में जहाज़ से ट्रकों के गिर कर डूब जाने की घटना में लापता लोगों की तलाशी नहीं बल्कि तलाशी की ख़ानापूर्ति करवाई जा रही है। मनिहारी के निकट जहां घटना हुई है उस जगह के बदले साहिबगंज के निकट लाशों की तलाशी की जा रही है। ताकि कम से कम लाश मिलें और वास्तव में डूब मरे लोगों का भयावह आँकड़ा पता ही नहीं चले। उन्होने कहा कि इस पूरे गोरखधंधे में साहिबगंज प्रशासन की मिलीभगत है । वो इस गंभीर मामले को हल्के में रफ़ा-दफ़ा करने एवं माफ़ियाओं के साथ अपनी गर्दन बचाने की दिशा में काम कर रही है।

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