पांच वर्ष में दो बेटे को खोए, रूपेश के पिता का सहारा टूटा

रुपेश की मां बिलख-बिलख कर बेहोश हो जा रही थी
रुपेश की मां बिलख-बिलख कर बेहोश हो जा रही थी

उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ सुरेंद्र निषाद

बरही। थान अंतर्गत दुलमाहा पंचायत के नई टांड़ रूपेश हत्या कांड में पूरे गांव मर्माहत है। घटना के तीसरे दिन भी गांव के लोग मृतक परिवार के आवास जा कर उसे ढांढस बंधा रहे हैं। मृतक के पिता अनिल पांडे व उनकी पत्नी उर्मिला देवी सन्तावाना दे रहे हैं।लोगों की बात बिना सुने मृतक की मां बद हवस रोते बिलखती रही।

गांव के लोग कह रहे थे कि रूपेश कुमार सीधा सदा होनहार लड़का था। अचानक ये कैसी आफत आ गई। मृतक के पिता रीते बिलखते बताया कि अपने पुत्र के लिए बहुत अरमान से चार बैंक व रिश्तेदार से लोन लेकर घर बनाए थे,लेकिन ये सब बेकार साबित हो गया। कहा कि मेरा दो ही पुत्र थे। 12 वर्षीय छोटा पुत्र शुभम कुमार की मौत 5 साल पहले ही साइकिल से गिरने से ही हो गई। दूसरे बेटे 17 वर्षीय रूपेश कुमार की भी हमारे बीच न रहे।

सीधा सादा नौजवान था मृतक रूपेश कुमार
सीधा सादा नौजवान था मृतक रूपेश

उन्होंने कहा कि मेरा अरमान था कि बेटा पढ़ लिखकर काबिल बने।इसके लिए उसे हजारीबाग में रहकर साइंस की पढ़ाई करवा रहे थे। घर की माली हालत खराब है। मैं एक वाहन चालक होते भी बच्चों की भविष्य की चिंता में लगे रहते थे। मेरे बेटे खुद मोबाइल दुकान में रहकर भी कुछ पैसा अर्जित कर पढ़ाई में खर्च चला लेता था। किंतु अब मेरा सब सपना चूर हो गया।

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