ऋचा अग्रवाल ने जावेद खान से की शादी, तिल-तिल कर मरी, बालात्कार भी हुआ

मृतक ऋचा अग्रवाल के विषय में अग्रवाल सम्मेलन ने लिया संज्ञान
मृतक ऋचा अग्रवाल के विषय में अग्रवाल सम्मेलन ने लिया संज्ञान

स्थानीय अखबारों में खबर प्रकाशित होने पर अग्रवाल सम्मेलन के उपाध्यक्ष मुकेश मित्तल एवं महासचिव संदीप मुरारका ने संबंधित जानकारियाँ एकत्रित की। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीमती ऋचा अग्रवाल चक्रधरपुर की रहने वाली हैं। इनके पति ‘जावेद खान’ मर्डर केस में राँची जेल में बंद हैं।

ऋचा का कहना था कि उसके साथ सामूहिक बलात्कार हुआ था, इसे एक माह तक नशे के इंजेक्शन दिए जाते रहे, जिससे उसकी मानसिक हालत खराब हो गई। ये केस चांडिल थाना में दर्ज है़। केस संख्या 41/2021 दिनांक 4.03.2021

उसके पेट में ट्यूमर था, जिसका इलाज एमजीएम में चल रहा था। किंतु डाक्टर्स के अनुसार उसकी मानसिक स्थिति खराब चल रही थी। उसकी मदद आदित्यपुर की अधिवक्ता अमृता कुमारी कर रही थी। एकबार उसने ऋचा अग्रवाल के इलाज के लिए उपायुक्त कार्यालय के समक्ष भिक्षाटन भी किया था, जिसमें पत्रकार कवि कुमार एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा ने भी भिक्षा दी थी। साथ ही उपायुक्त महोदय ने रेडक्रास से अमृता कुमारी को रुपए 10000/- क़ा सहयोग करवाया गया था।

उसी दौरान मारवाड़ी सम्मेलन के महावीर मोदी, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, सन्नी संघी, ओमप्रकाश रिंगसिया, दीपक पारीक, सांवरमल अग्रवाल भी उनसे मिले थे एवं बेहतरीन टेस्ट व इलाज कराने की इच्छा जताई थी, किंतु अधिवक्ता अमृता कुमारी ने इंकार कर दिया था एवं कहा था कि जो मदद चाहिए वो नगद के रुप में करें।

ऋचा का देहांत 3.12.2021 को रात्रि 10.45 पर एमजीएम में हो गया था। कोई दावेदार नहीं आने पर मजबूरन एमजीएम अस्पताल ने साकची थाना को 9.12.2021 को सूचित किया एवं शव को एमजीएम कॉलेज में भिजवा दिया। दिनांक 10 दिसंबर को बॉडी का पोस्टमार्टम हो चुका है़, शव एमजीएम कॉलेज के शीत गृह में रखा गया है़।

अग्रवाल सम्मेलन के उपाध्यक्ष मुकेश मित्तल ने इस विषय में एमजीए हॉस्पिटल के अधीक्षक, कॉलेज के प्रिंसिपल, डाक्टर्स, साकची थाना इत्यादि सभी पक्षों से वार्ता कर अपनी सवेंदनशीलता का परिचय दिया है़।

उदभेदन में यह बात समझ में आ रही है़ कि संभवतः उसके परिवार को उपरोक्त सभी जानकारी होगी, परंतु परिवार से संबंध अच्छे नहीं होने के कारण वो लोग संपर्क नहीं कर रहे हों। लड़की के पिता एवं दो बड़े भाई चक्रधरपुर में रहते हैं।

कानून के दृष्टिकोण से जबतक 72 घंटे पूरे ना हों जाएँ, दाहसंस्कार नहीं किया जाता। उसके बाद दाहसंस्कार के लिए साकची थाना को लिखित आवेदन देकर अनुमति प्राप्त करनी होगी।

अतएव आज सोमवार को 72 घंटे पूरे होंगे, यदि चक्रधरपुर से लड़की के मायके से अथवा ससुराल से कोई परिजन सामने आ गया तो ठीक है़। अन्यथा अग्रवाल सम्मेलन एवं अग्रवाल युवा मंच अपनी जिम्मेदारी दिखाते हुए उपरोक्त शव के अंतिम संस्कार हेतु जिला प्रशासन से अनुमति प्राप्त करेगा।

अग्रवाल युवा मंच के महासचिव सन्नी संघी, अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, सुरेश काँवटिया, कैलाश अग्रवाल अधिवक्ता, प्रदेश प्रवक्ता कमल किशोर अग्रवाल इत्यादि सभी सदस्य पूरी संवेदनशीलता से इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।

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