मुझ पर आरोप लगाने वाले प्रो.स्टीफन पहले अपने गिरबान मे झांके- लोबिन

अपनी ही सरकार के विरुद्ध बगावती तेवर मे दिखे विधायक लोबिन
अपनी ही सरकार के विरुद्ध बगावती तेवर मे दिखे विधायक लोबिन

झामुमो जिला समिति के फरमान के बाद भी भारी संख्या मे जनसभा मे सम्मलित हुआ आदिवासी परिवार

हेमंत सोरेन होश मे आओ की तख्ती दिखी सभा मे

 

नीरज कुमार जैन/ब्यूरो

 

साहिबगंज। अपनी ही सरकार के विरोध मे बगावती तेवर के साथ जनाक्रोश सभा मे गरजे विधायक लोबिन हेंब्रम। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 1932 के खतियान पर अपनी नीति स्पष्ट करने के साथ बांझी के पीरदरगाह के पास प्रस्तावित हवाई अड्डा के विरोध मे जनाक्रोश महासभा का आयोजन रविवार को किया गया। प्रशासन की रोक के कारण उक्त सभा शिबू सोरेन जनजातीय महाविद्यालय मैदान में किया गया। वहीं सभा स्थल पहुंचने वाले सभी पथो समेत चौक चौराहा को पुलिस प्रशासन ने छावनी मे तब्दील कर दिया था।

जनसभा के मुख्य वक्ता सह अतिथि विधायक लोबिन हेंब्रम ने बताया कि सभा को विफल करने के लिए झामुमो के किसी भी कार्यकर्ता व समर्थकों के सम्मलित न होने का फरमान झामुमो जिलाध्यक्ष ने जारी कर दिया था उसके बाद भी गांव गांव से लोग जनाक्रोश सभा मे सम्मलित हुए। विधायक लोबिन हेंब्रम ने सभा मे साफतौर पर कहा कि जंगल, जमीन की सरकार अपने उद्धेश्य से भटक गई है और भटकी हुई सरकार को रास्ता पर लाना उनका मुख्य उद्धेश्य है। लेकिन कुछ चापलूस झामुमो के लोग मुझ पर अनर्गल आरोप लगा संगठन विरोधी बता रहे है।

जबकि कांग्रेस से झामुमो मे आए प्रो.स्टीफन मरांडी को भी विधायक हेेंब्रम ने आइना दिखाते हुए कहा प्रो.मरांडी आरोप लगाने के पहले अपने गिरबान मे झांक ले। उन्होंने कहा सीएम के विस मे ही नहीं पूरे प्रदेश मे सीएम के कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। इसलिए गुरु जी व सुप्रीमो शिबू सोरेन के स्वपन व संगठन के उद्देश्य को साकार करने के लिए सीएम हेमंत को चापलूसों के चुंगल से निकल जनता की आवाज सुननी चाहिए।

उन्होंने कहा सीएम के तथाकथित करीबी की पोल खुल न जाए इसके लिए सरकार के पावर का भी गलत प्रयोग कर जनाक्रोश सभा को विफल करने के लिए पुलिस प्रशासन को चौक चौराहा पर लगा दिया। लेकिन आक्रोशित जनता ने तपती धूप व प्रशासन व झामुमों संगठन के फरमान को दरकिनार कर सभा को सफल बनाया। अब भी समय है कि सीएम आंखें खोल जनभावना का कदर कर 1932 के खतियान पर अपनी भूमिका स्पष्ट करे और अजजा के लोगो को उच्छेद होने से बचाए।

उन्होंने कहा आदिवासी प्रकृति, वन के पूजारी है और अगर हवाई अड्डे, खनन  वैगरह के नाम पर इनको इनकी भूमि से उच्छेद करने की जो साजिश है उस साजिश को लोबिन हेंब्रम कामयाब होने नहीं देगा भले ही लोबिन विधायक रहे चाहे न रहे, संगठन विरोधी कार्य करने के आरोप लगे सब सहने को तत्पर हूँ।

सिमलजोरी ग्राम प्रधान रंजीत टूडू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा कि कभी डैम बनाने के नाम पर तो कभी खनन के नाम पर और अब हवाई अड्डा, फैक्ट्री निर्माण के नाम पर जमीन हड़पने का कुचक्र चलाया जा रहा है। जबकि प्रकृति के रक्षक व पूजक आदिवासी समाज के युवा, युवती जीविकोपार्जन के लिए पलायन को विवश है। उन्होंने कहा जल जंगल और जमीन की रक्षा करने वाले समाज की आज भी उपेक्षा ही हो रही है। वहीं अन्य वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज जमीन के बिना नहीं रह सकते हैं। अगर आदिवासियों का विस्थापन बंद नहीं किया गया तो आदिवासी समाज विलुप्त हो जाएगा आदिवासियों की संपत्ति जल जंगल और जमीन होती है। और इसे बर्बाद होने नहीं दिया जाएगा।

बैठक में आसपास के 18 गांव के लोग शामिल हुए हैं सभी ने एकमत से प्रस्तावित हवाई अड्डे का विरोध किया। मौके पर बैठक में झामुमो पूर्व प्रखंड अध्यक्ष सामू बास्की, ताला हेंब्रम, दिलीप मुर्मू, सिमलजोरी ग्राम प्रधान रणजीत टुडू, तेतरिया के ग्राम प्रधान जीतन टुडू, आसनबोना के ग्राम प्रधान बेसरा, सिहंली के ग्राम प्रधान संख्य मुर्मू गवाईभीठा के प्रधान रिंचू हेंब्रम, पहाड़पुर के ग्राम प्रधान चार्लेश मुर्मू समेत दर्जनों ग्राम प्रधान थे।

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