छठी जेपीएससी संकल्प को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे - प्रार्थी
हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे – प्रार्थी

रांची । झारखंड हाईकोर्ट में छठी जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा के बाद सरकार की ओर से जारी संकल्प को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार के संकल्प को चुनौती देने वाली राहुल कुमार की याचिका को खारिज कर दिया। प्रार्थी की ओर से 19 अप्रैल 2017 के झारखंड सरकार की ओर से जारी उस सकंल्प को निरस्त करने की मांग की गई थी। जिससे प्रारंभिक परीक्षा में पास हुए 5138 अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ कर 6103 हो गई।

प्रार्थी का कहना था कि प्रारंभिक परीक्षा में निर्धारित सीट के 15 गुना अभ्यर्थियों का परिणाम निकालने का नियम है, लेकिन सरकार के संकल्प से 15 गुना से 965 अधिक अभ्यर्थी शामिल हो गए हैं। इस कारण संकल्प निरस्त कर दिया जाना चाहिए।

परिणाम नियमों के अनुसार निकाला गया है: जेपीएससी

इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से कहा गया छठी जेपीएससी का परिणाम नियमों के अनुसार निकाला गया है। पूर्व में हाई कोर्ट में इससे संबंधित मामले की सुनवाई हो चुकी है। उस दौरान भी इस तरह का मुद्दा अदालत में उठाया गया था। ऐसे में अब इस मामले में सुनवाई की जरूरत नहीं है। क्योंकि छठी जेपीएससी की मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद नियुक्ति भी हो चुकी है।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने प्रार्थी की याचिका को खारिज कर दिया। प्रार्थी का कहना है कि वह हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

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