अब पारा टीचर “सहायक शिक्षक” के नाम से जाने जाएंगे

साठ साल के पहले नहीं हटाए जाएंगे पारा टीचर
साठ साल के पहले नहीं हटाए जाएंगे पारा टीचर

रांची: हेमंत सोरेन सरकार के दो वर्ष पूर्व होने के चंद दिन पहले राज्य में 18 साल से चली आ रही पारा शिक्षक मामले का पटाक्षेप हो गया । पारा टीचरों की एक मांग छोड़कर बाकी सभी मान ली गयी है । पारा टीचरों का एक नियमवाली भी तैयार होगी । अब पारा टीचर बिहार के तर्ज पर नियोजित शिक्षक(सहायक अध्यापक) के रूप में जाने जाएंगे । वेतनमान पर केवल निर्णय सरकार लेगी । बाकी सभी मांगे पारा टीचरों की पूरी हो गयी है । सरकार के इस निर्णय से राज्य के करीब 65 हजार टीचरों को सीधा फायदा होगा ।

टेट पास टीचरों पर सरकार जल्द लेगी निर्णय

पारा टीचरों एवं शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के साथ हुई बैठक में कई बिंदुओं पर बारिकी से चर्चा की गयी । जिसमें टेट पास पारा टीचरों पर सरकार निर्णय लेगी । बैठक में यह भी तय हुआ कि अब पात्रता (आकलन) परीक्षा की संख्या सीमा 3 से बढ़ाकर 4 कर दी गयी है । यानि इस परीक्षा में टीचर एक बार नहीं चार बार हिस्सा ले सकते हैं । तीन बार असफल होने के बाद चौथी बार भी वे हिस्सा ले सकते हैं ।

आंदोलन के दौरान दर्ज केस-मुकदमें भी होंगे वापस

बैठक में तय किया गया कि 18 साल से चल रहे आंदोलन के बीच कई टीचरों पर केस-मुकदमें दर्ज हुए । इसको लेकर शिक्षा विभाग गृह विभाग से बात करेगा ताकि केस-मुकदमें वापस हो सकें । बैठक के बाद पारा टीचर संघ के विनोद बिहारी महतो सहित कई प्रतिनिधियों ने बताया कि वे लोग बहुत खुश एवं संतुष्ट हैं । उन्हें खुशी है कि वर्तमान सरकार एवं खाशकर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने अपना वादा निभाया । इस समस्या के समाधान में विधायक सुदीप सोनू की भी अहम भूमिका रही । इस बैठक में शिक्षा सचिव राजेश शर्मा सहित कई अधिकार मौजूद थे ।

20 को होने वाली कैबिनेट की बैठक में नियमावली लगेगी मुहर

नियोजित शिक्षकों के एक नियुक्ति नियावमली तैयार होगी । इस नियमावली को 20 को संभावित कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा । जिस पर मंजूरी प्रदान की जाएगी । इसके बाद से पारा टीचर नियोजित टीचर के रूप में जाने जाने लगेंगे ।

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