पलामू पुलिस ने रामगढ़ जंगल से कराया मुकेश को मुक्त, अपहरण में शामिल तीन अपराधी गिरफ्तार

पलामू पुलिस ने रामगढ़ जंगल से कराया मुकेश को मुक्त
अपहरण में शामिल तीन अपराधी गिरफ्तार

मेदिनीनगर (उज्ज्वल दुनिया)। दो दिन पूर्व डालटनगंज से अपहरण किये गये सिमडेगा निवासी मुकेश साहू को पुलिस ने अपराधियों के चंगुल से छुड़ा लिया है। पलामू पुलिस ने इस अपहरण कांड मे शामिल तीन अपहरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया है। इनके पास से रेडमी व एमआई का टच स्क्रीन तथा माइक्रोेमैक्स का कीपैड मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किया है।

गिरफ्तार अपराधियों में रमकंडा निवासी विक्की सिंह(26) व रामगढ़ निवासी रितेश पूर्ति(24) व विनय पूर्ति(26़) शामिल हैं। इस संबंध में आयोजित प्रेसवार्ता में पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि कल शाम उन्हें सिमडेगा एसपी डाॅ शम्स तवरेज का व्हाट्सअप आया। जब उसे नहीं देख सके तो उन्होंने फोन किया। उनसे पता चला कि सिमडेगा सदर थाना में 25 अगस्त को फुलवाटांगर निवासी भोला साहू ने शिकायत दर्ज कराई है कि 24 अगस्त को डालटेनगंज में उनके बेटे मुकेश साहू(22) का अपहरण कर लिया गया है और पांच लाख रूपये फिरौती मांगी जा रही है।

मुकेश साहू गढवा स्थित आटा बेसन मिल में काम करता है और वह काम से मेदिनीनगर आया था। सूचना के बाद उन्होंने अपहरणकर्ताओं का लोकेशन शेयर करते हुए मामले की जानकारी दी। एसपी श्री सिन्हा ने बताया कि सूचना के बाद चैनपुर व रामगढ़ थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और इस कार्य में गढ़वा जिले के रंका एसडीपीओ एसडीपीओ सुदर्शन आस्तिक का भी सहयोग मिला।

लोकेशन के आधार पर सूचना के कुछ ही घंटों बाद मुकेश को रामगढ़ के दीनाबार जंगल से बरामद कर लिया गया। उन्होंने बताया कि मुकेश डालटनगंज आने के बाद बस स्टैंड से अपने एक दोस्त के यहां चला गया था। वहां से एक अपहरणकर्ता विक्की जिसे मुकेश भी पहचानता था, उसे अपने साथ विश्वास में लेकर दूसरी जगह ले गया।

उसके बाद विक्की ने उसे बताया कि तुम्हारा अपहरण कर लिया गया है। इसके बाद उसे एक दिन गौशाला में रखने के बाद दूसरे दिन रामगढ़ के जंगल में ले गया। वहां उसका हाथ-पैर बांधने के बाद उसी के मोबाइल से उसके पिता को फोन कराया गया। उन्होंने बताया कि इन अपराधियों के पास धारदार हथियार था और नहीं पकड़े जाने पर मुकेश की हत्या भी की जा सकती थी। उन्होंने यह भी बताया कि उसके पिता के पास मुकेश का कोई फोटो नहीं था। उन्होंने आधार कार्ड से फोटो खींचकर भेजा था, जिससे उसकी पहचान मुश्किल थी। गिरफ्तार अपराधियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।

 

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