नवीन सरना हॉस्टल की मालकिन ने कहा- ” इंसाफ नहीं मिला तो कर लूंगी आत्महत्या”

जमीन मालिक को ही बना दिया गया आरोपी
जमीन मालिक को ही बना दिया गया आरोपी

रांची : सुखदेव नगर थाना इलाके के नवीन हॉस्टल में बीते दिन तोड़फोड़ मारपीट के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नवीन हॉस्टल के जमीन मालिक बिशु उरांव की पत्नी मुन्नी तिर्की ने रांची प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नवीन हॉस्टल की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया ।

उन्होंने बताया पूरी जमीन 80 डिसमिल थी जो विगत कुछ दिन पूर्व चमरा लिंडा की अगुवाई में 20 डिसमिल नवीन हॉस्टल को दान में देने की बात हुई थी । जिसे प्रथम पक्ष ने स्वीकार कर लिया लेकिन कुछ दिन बीतने के बाद हॉस्टल के प्रबंधक के द्वारा बाकी बचे 60 डिसमिल जमीन पर भी नवीन हॉस्टल के द्वारा कब्जा किया जा रहा था । जिसे मना करने बिशु उरांव वहां पहुंचे थे ।

इसी बीच असामाजिक तत्वों के द्वारा तोड़फोड़ की गई थी और पूरा आरोप विशु उरांव पर मढ़ दिया गया । यहां तक जमीन के मालिक को आरोपी भी बना दिया गया । अभी बिशु उरांव कहां है परिवार वालों को भी पता नहीं है । परिवार वाले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

विशु उरांव की पत्नी मुन्नी तिर्की ने बताया कि सरकार और प्रशासन पर पूरा भरोसा है । हम लोगों के नाम को खराब करने के लिए हॉस्टल पर हमला करवाया गया । हॉस्टल में रह रहे बच्चों से हम लोगों को पूरा सहानुभूति है । तभी तो हम लोग 20 डिसमिल जमीन देने को तैयार हो गए । अभी मौखिक तौर पर जमीन देने का ऐलान किया बाद में हम लोग लिखित भी देंगे ।

मुन्नी देवी ने बताया कि 14 वर्षों से केस चल रहा था । हम लोगों का पेपर भी पूरा ठीक है । तभी तो न्यायालय के द्वारा हम लोगों के पक्ष में फैसला सुनाया गया । उन्होंने कहा कि सरकार से अगर हम लोगों को इंसाफ नहीं मिलता है । हम लोग पूरा परिवार आत्मदाह कर लेंगे ।

भिखराम भगत का दावा गलत

विशु उरांव की पत्नी मुन्नी तिर्की ने बताया कि मौजा हरमू खाता नंबर 53 खाता नंबर 71 रकबा 80 डिसमिल भूमि खतियान में बुधवा उरांव वगैरा के नाम से है । विशु उरांव खतियानी रैयत का वंशज है । भिखराम भगत , टिंकू उरांव , अरुण कुमार , भगत गंदू उरांव , परमेश्वर भगत एवं सुनील कुमार उरांव अवैधानिक रूप से जमीन पर कब्जा किए हुए हैं । इसके विरूद्ध SAR कोर्ट में वाद दायर किया गया जिसका केस नंबर 55 / 10 -11 है । दिनांक 14 /7/2012 को विशु उराव के पक्ष में आदेश पारित हुआ एवं न्यायालय ने दखल दहानी दिलाने का आदेश निर्गत किया ।

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