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मेडिका में सिर्फ पेट दर्द के लिए 31 हजार रुपये का बिल

झारखंड में अस्पतालों को सरकार की ओर से शायद लूट की खुली छूट मिली है। आप चाहें तो बुखार के लिए मरीज के घर-बार लिखवा लें, कहीं कोई रोकने वाला नहीं। इन धनपिपासुओं को ऊपर से मेडिकल प्रोटेक्शन बिल भी चाहिए ताकि कोई इन लूटेरों पर सवाल नहीं उठा सके।

रांची का भगवान महावीर मेडिका सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल
रांची का भगवान महावीर मेडिका सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल

रांची की रहने वाली रिजिश्वा पेट दर्द की मामूली शिकायत लेकर भगवान महावीर मेडिका सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पीटल पहुंची। वो 24 घंटे से भी कम समय तक भर्ती रहीं, लेकिन उनको 31 हजार का बिल थमा दिया गया। रिजिश्वा का कहना है कि न कोई ऑपरेशन हुआ न ही किसी तरह की कॉम्पलेक्सिटी थी। फिर भी तरह-तरह की जांच के नाम पर भारी-भरकम बिल थमा दिया गया।

क्या प्राइवेट अस्पतालों पर सरकार को कोई जोर नहीं चलता ?
मेडिका ने पेट दर्द की शिकायत पर करीब 31 हजार रुपये का बिल बनाया 

मुख्यमंत्री से ट्विटर पर की शिकायत

पीडि़ता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्विटर पर टैग करते हुए लिखा है कि कोई तो नियंत्रण होना चाहिए ? उन्होने अपने ट्विटर वाल पर बिल की कॉपी संलग्न करते हुए लिखा

हेमंत सोरेन सर,

राखी के दिन कल पेट दर्द की इमरजेंसी हालत में मेडिका में भर्ती हुई थी। 24 घण्टे से भी कम रही, और बिल 31 हजार ₹ का बना दिया। ऐसे-ऐसे चीजों के भी पैसे लिए, जो मिले भी नहीं- जैसे मास्क, टॉवल आदि। अल्ट्रासाउंड तक गलत किया, पैसे पूरे लिए. कृपया संज्ञान लें।

सोशल मीडिया पर रांचीवासी जता रहे विरोध

मेडिका की इस लूट पर सोशल मीडिया में लोग तरह-तरह से अपना आक्रोश जता रहे हैं। कांग्रेस नेता अतुल गेरा ने लिखा है कि अफसोस की बात ये है कि उन्होने अपने अस्पताल का नाम तो भगवान महावीर के नाम पर रखा है लेकिन उनका मकसद सिर्फ और सिर्फ पैसे बटोरना है। कहीं जरा सी भी सेवा की भावना नहीं दिखती ।

अशोक कुमार नाम के एक ट्विटर यूजर लिखते हैंः

ये दिन के उजाले में सरेआम डाका डालने की तरह है। सरकार को एक ऐसा नियम बनाना चाहिए कि प्राइवेट अस्पताल सरकारी अस्पतालों की तुलना में ज्यादा से ज्यादा 20 फीसदी अतिरिक्त चार्ज कर सकते हैं।

पत्रकारों और बुद्धिजीवियों ने भी जताया रोष

मेडिका की इस हरकत पर शहर के पत्रकारों और अन्य बुद्धीजीवियों ने भी नाराजगी जताई है। टाइम्स ऑफ इंडिया के पत्रकार मुकेश लेखते हैं कि

एक दिन से भी कम समय तक एडमिट होने पर 30 हजार से ऊपर का बिल! और आप इसको लूट भी नहीं कर सकते । और हम इन लोगों के लिए मेडिकल प्रोटेक्शन बिल की मांग कर रहे हैं ?

रांची के वरिष्ठ पकार अनिमेश नचिकेता लिखते हैंः

बिना पूछे कर देते हैं हजारों रुपये के जांच। ऐसी ऐसी चीजों के बिल जोड़े, जो मरीज को दिए तक नहीं। रांची का मेडिका भगवान महावीर के नाम वाला यह हॉस्पिटल बस लोगों को लूट रहा है। न किसी से डर और न शासन का इकबाल, जरा भी इसे…।

 

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