Category: समाचार

  • तिसरी पुलिस ने अवैध बालू लदे दो ट्रैक्टरों को किया जब्त

    तिसरी पुलिस ने अवैध बालू लदे दो ट्रैक्टरों को किया जब्त

    तिसरी पुलिस ने अवैध बालू लदे दो ट्रैक्टरों को किया जब्त

    तिसरी: तिसरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोमवार को भंडारी रोड से अवैध बालू लदे दो ट्रैक्टरों को जब्त किया है। इन ट्रैक्टरों पर भंडारी नदी से अवैध तरीके से बालू लोड किया गया था और ये तिसरी की ओर जा रहे थे।

    सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने भंडारी रोड के पास इन ट्रैक्टरों को रोका और जब्त कर थाने ले गई। यह कार्रवाई एनजीटी द्वारा नदियों से बालू उठाव पर लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद जारी अवैध खनन के खिलाफ की गई है।

    स्थानीय पुलिस ने इस कार्रवाई को नदियों से अवैध बालू खनन पर नियंत्रण रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी ऐसे अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

  • हाईवा और कार की सीधी टक्कर में एक की मौत, कई घायल

    हाईवा और कार की सीधी टक्कर में एक की मौत, कई घायल

    हाईवा और कार की सीधी टक्कर में एक की मौत, कई घायल

    बेरमो अनुमंडल के कथारा-गोमियां मुख्य मार्ग पर छिलका पुल के निकट एक गंभीर सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा तीखे मोड़ पर हुआ, जहां दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटना का कारण बना।

    मृतक की पहचान 16 वर्षीय सन्नी करकेट्टा के रूप में की गई है। दुर्घटना के विवरण के अनुसार, कोयला लदा हाईवा ट्रक (संख्या जेएच 09 ए भी/8351) और स्विफ्ट कार (संख्या जेएच 09 ए पी/3578) के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। घटना के वक्त सड़क पर तीखा मोड़ था और पेड़ के कारण सामने से आ रही कार की दृश्यता सीमित थी।

    दुर्घटना में कार में सवार पांच लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीक के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने सन्नी करकेट्टा को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल 20 वर्षीय अभय सिंह और 32 वर्षीय मो. सकिल को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया। अन्य दो घायलों की स्थिति स्थिर है।

    बोकारो थर्मल पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और आवश्यक कागजी कार्यवाही के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने हाइवा और कार को जब्त कर घटना की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक के परिजनों के अनुसार, सभी युवक ढोरी स्टॉफ क्वार्टर के निवासी थे और वे तेनुघाट डैम पर फोटोग्राफी के लिए जा रहे थे। वे सीसीएल कथारा क्षेत्र के गोबिंदपुर फेज दो परियोजना से कोयला लादे हाइवा के साथ टकरा गए।

  • इजरायल के सामने कितना ताकतवर है हिजबुल्लाह, दोनों के पास क्या-क्या हथियार; कौन पड़ेगा भारी?

    इजरायल के सामने कितना ताकतवर है हिजबुल्लाह, दोनों के पास क्या-क्या हथियार; कौन पड़ेगा भारी?

    परिचय: मिडिल ईस्ट की जंग में नई उलझन

    मिडिल ईस्ट की वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति एक बार फिर से वैश्विक चर्चाओं का केंद्र बन गई है। हाल ही में हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमला कर इस क्षेत्र की राजनीति को और भी जटिल बना दिया है। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच की यह जंग न केवल इन दो ताकतों को आमने-सामने ला रही है, बल्कि गाजा से लेबनान तक इसकी लपटें फैलने की भी आशंका बढ़ रही है।

    हिजबुल्लाह, जिसका मुख्यालय लेबनान में है, एक सशस्त्र संगठन है जो ईरान के समर्थन से संचालित होता है। इसके पास कई तरह के आधुनिक हथियार और सेना हैं, जो इजरायल के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं। इजरायल, एक मजबूत रक्षा संरचना के साथ, अपनी सुरक्षा के लिए तत्पर है और किसी भी आक्रमण का मुँहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।

    हालांकि, यह संघर्ष केवल दो सैन्य शक्तियों के बीच का नहीं बल्कि इसकी जड़ें राजनीतिक और धार्मिक आस्थाओं में भी गहरी हैं। इस क्षेत्र के लोगों की दैनिक जीवन और आर्थिक स्थिति पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। यह जंग केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसके परिणाम पूरे मिडिल ईस्ट पर पड़ेंगे, जिससे वैश्विक शक्तियाँ और सुरक्षा संस्थान भी प्रभावित हो सकते हैं।

    इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव में वृद्धि इस क्षेत्र के स्थायित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। अत्यधिक हथियारों और युद्धक तकनीकों की प्रचुरता से यह जंग और भी घातक हो सकती है, जिससे सभी पक्षनों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    इजरायल और हिजबुल्लाह: सामरिक क्षमता और हथियार

    इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच सामरिक क्षमता और हथियारों की तुलना कई महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करती है। इजरायल, अपनी आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत सेना के लिए प्रसिद्ध है। इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) की सजगता और तत्परता इस क्षेत्र में उसकी प्रमुख स्थिति को और सुदृढ़ करती है। इजरायल का आयरन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम दुनिया के सबसे प्रभावी रक्षा प्रणालियों में से एक माना जाता है। यह हवा में दुश्मन के रॉकेट और आर्टिलरी शेल्स को नष्ट करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा, इजरायल के पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अत्याधुनिक ड्रोन भी हैं, जो ट्रैकिंग और निगरानी में अत्यंत प्रभावी हैं।

    हिजबुल्लाह की बात करें तो यह मुख्य रूप से गेरिला युद्ध तकनीक पर निर्भर है। इसकी यूनिट्स छोटी, लेकिन अत्यधिक प्रशिक्षित हैं और दुश्मन पर छापामार हमले करने में कुशल होती हैं। हिजबुल्लाह के पास रूस और ईरान से हासिल किए गए रॉकेट और मिसाइल्स की काफी बड़ी संख्या है, जिसमें कई शॉर्ट-रेंज और मीडियम-रेंज मिसाइल्स शामिल हैं। हिजबुल्लाह की सामरिक क्षमता का मुख्य केंद्र छापामार रणनीतियों और गुप्त ऑपरेशनों में होता है।

    तकनीकी तुलना में, इजरायल की सेना अधिक उन्नत है और उसके पास आधुनिक हथियारों का भंडार है। इजरायल के न्यूक्लियर हथियार भी उसकी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करते हैं। हिजबुल्लाह के पास इतने अत्याधुनिक हथियार नहीं हैं, लेकिन उसकी गेरिला तकनीक और छापामार युद्ध क्षमताएं उसे एक कठिन प्रतिद्वंदी बनाती हैं। हिजबुल्लाह की मिसाइल क्षमताओं का कोई छोटा महत्व नहीं है, जो किसी भी बड़े संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

    संख्या और प्रकार की दृष्टि से, इजरायल हीवी आर्टिलरी, टैंक्स, और अन्य परंपरागत सैन्य संसाधनों में काफी मजबूत है। वहीं हिजबुल्लाह, अपनी कुशल और सटीक गेरिला युद्ध तकनीक के माध्यम से इजरायली सशस्त्र बलों को चुनौती देने की क्षमता रखती है। दोनों पक्षों के हथियारों और तकनीकी की विशिष्टताओं को ध्यान में रखते हुए, यह किसी भी संकट में इनके सामर्थ्य का संतुलन बनाता है।

    हिजबुल्लाह का ईरान से संबंध और इसका प्रभाव

    हिजबुल्लाह और ईरान के बीच के संबंध एक सघन और रणनीतिक गठबंधन के उदाहरण हैं। ईरान, हिजबुल्लाह को वित्तीय, सैन्य और रणनीतिक सहायता प्रदान करता है, जिससे यह संगठन मध्य पूर्व में अपनी पकड़ मजबूत करता है। इस गठबंधन के तहत, हिजबुल्लाह को ईरान से उन्नत हथियार प्रणाली, रॉकेट, मिसाइल और सामग्री रूप से महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण उपलब्ध होते हैं, जिससे यह इस्ला्मिक संगठन क्षेत्र में अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाने में सक्षम हो जाता है।

    ईरानी सहायता का सबसे बड़ा प्रभाव हिजबुल्लाह की रणनीति और परंपरागत रूप से युद्धक क्षमता में देखने को मिलता है। प्रशिक्षण और परामर्श के माध्यम से, ईरान हिजबुल्लाह को रणनीतिक सोच और आधुनिक युद्धक तकनीकें सिखाता है, जिससे इस संगठन की युद्धक क्षमता में अत्यधिक सुधार हो चुका है। इन कारकों के चलते, हिजबुल्लाह इजरायल के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है।

    इसके अतिरिक्त, हिजबुल्लाह को मिलने वाला आर्थिक समर्थन इसे अपने अभियानों को निरंतर जारी रखने में मदद करता है। हिजबुल्लाह द्वारा ईरान से प्राप्त वित्तीय सहायता उसे अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने और अपने समर्थकों के बीच लोकप्रियता बढ़ाने में सहायक होती है। इस प्रकार के सहयोग का इजरायल की सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, क्योंकि हिजबुल्लाह की सैन्य ताकत और उसके समर्थकों की संख्या बराबर भड़कती रहती है।

    ईरान-इजरायल के बीच की शीत युद्ध की स्थिति इस पूरे संघर्ष को और भी पेचीदा बना देती है। दोनों देशों के बीच तनाव और खींचतान के चलते यह एक पूर्ण सैन्य संघर्ष में बदल सकता है। हिजबुल्लाह का ईरान से संबंध और इसे मिलने वाला समर्थन इजरायल के लिए लगातार एक गंभीर खतरा बना रहता है, जिससे दोनों पक्षों के बीच सामरिक संतुलन बनाए रखना नितांत आवश्यक हो जाता है।

    संभावित परिणाम और क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभाव

    इजरायली और हिजबुल्लाह के बीच का संघर्ष मिडिल ईस्ट की स्थिरता और भविष्य पर कई प्रकार के दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है। यह टकराव केवल दोनों पक्षों के सैन्य संसाधनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति, वैश्विक प्रतिक्रियाएँ और संभावित शांतिवार्ता के विकल्पों पर भी गहन रूप से प्रभाव डालेगा।

    मिडिल ईस्ट में स्थिरता पहले से ही एक नाजुक मुद्दा है। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष से क्षेत्रीय तनाव और अधिक बड़ सकता है, जो अन्य पड़ोसी देशों को भी प्रभावित करेगा। विशेष रूप से लेबनान की स्थिति अत्यंत संवेदनशील हो सकती है, क्योंकि हिजबुल्लाह का लेबनान में महत्वपूर्ण प्रभाव है। संघर्ष के परिणामस्वरूप लेबनान में राजनीतिक अस्थिरता, आंतरिक विद्रोह, एवं आर्थिक संकट और भी गहरा सकते हैं। इस क्षेत्र में शरणार्थियों की संख्या भी बढ़ सकती है, जिससे वहां की सामाजिक और आर्थिक स्थिति और भी विकट हो सकती है।

    क्षेत्रीय राजनीति पर नजर डालें तो, अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जैसे कि ईरान, सऊदी अरब, और तुर्की भी इस संघर्ष में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच टकराव ईरान और इज़राइल के बीच के घनिष्ठ संघर्ष को और उजागर कर सकता है, जो पहले से ही मिडिल ईस्ट की राजनीति को प्रभावित कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप, क्षेत्रीय महाशक्तियों के बीच नए मित्रता और दुश्मनी के समीकरण बन सकते हैं।

    वैश्विक प्रतिक्रियाओं की बात करें तो, यूनाइटेड नेशन, अमेरिका, और यूरोपियन यूनियन जैसे संस्थान इस संघर्ष पर कड़ी नजर रखेंगे। संभावित शांतिवार्ता के विकल्पों पर विचार किया जाए तो, संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं मध्यस्थता की भूमिका अदा कर सकती हैं। हालांकि, इस दिशा में प्रगति तभी संभव होगी जब संबंधित पक्ष शांति वार्ता के प्रति एक ठोस और निष्कपट प्रतिबद्धता दिखाएँ।

  • देशभर में चिकित्सा सेवाओं की हड़ताल और अन्य प्रमुख घटनाएं

    देशभर में चिकित्सा सेवाओं की हड़ताल और अन्य प्रमुख घटनाएं

    कोलकाता रेप और मर्डर केस

    कोलकाता रेप और मर्डर केस में सीबीआई का एक्शन जारी है। सीबीआई पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष से लगातार पूछताछ कर रही है और आरजी करर हॉस्पिटल के सुरक्षा गार्डों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, जिनमें महिला सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं। सीबीआई ने आरजी करर हॉस्पिटल के करीब 30-35 इंटर्न डॉक्टर्स की लिस्ट जारी की है और उनकी जल्द पूछताछ की जाएगी।

    एनसीडब्ल्यू की जांच

    राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की जांच समिति ने सुरक्षा बुनियादी ढांचे और जांच में खामियों का पर्दाफाश किया है। घटना के दौरान किसी सुरक्षा गार्ड के मौजूद न होने का दावा किया गया है। आईएमए ने डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी बढ़ाने, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और प्रोटोकॉल का पालन करने की मांग की है।

    राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

    केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने ममता बनर्जी की रैली पर निशाना साधा, सवाल उठाते हुए कि वह खुद मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री हैं, तो किसके खिलाफ रैली निकाल रही हैं। बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने ममता बनर्जी पर हमला किया, उन्हें ‘रेप की राजनीति’ बंद करने की सलाह दी। ममता बनर्जी ने इस मामले में नागपुर में कैंडल मार्च में हिस्सा लिया।

    अन्य प्रमुख घटनाएं

    • आज बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक हो रही है, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल होंगे।
    • झारखंड में पूर्व सीएम चंपा सोरेन और कई अन्य नेता बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
    • असम के सीएम हेमंता बिस्वा सरमा ने चंपा सोरेन की तारीफ की।
    • तीसरे वॉइस ऑफ ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन की भारत वर्चुअली मेज़बानी करेगा।
    • भारतीय महिला पहलवान विनेश फौगाट आज पेरिस से लौटेंगी।
    • केंद्रीय कैबिनेट ने तीन मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दी।
    • जम्मू कश्मीर और हरियाणा में चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई है।
    • उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में सीएम योगी रोजगार मेला का उद्घाटन करेंगे और छात्रों को टैबलेट वितरित करेंगे।
    • राजस्थान के उदयपुर में एक छात्र को चाकू मारने की घटना के बाद तनाव फैला है, इंटरनेट बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
    • बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले के खिलाफ नासिक में मार्च किया गया।
    • जम्मू कश्मीर के राजोरी में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली, गांव से मोटार शेल और जिलेटिन की छड़े बरामद की गईं।
    • यूपी के मिर्जापुर में जिला पंचायत अध्यक्ष ने मंत्री के सामने भड़कते हुए बिजली विभाग के अधिकारी की कॉल रिसीव न करने का आरोप लगाया।
    • कन्नौज में रेप मामले में आरोपी सपा नेता नवाब सिंह यादव का डीएनए सैंपल लिया गया, वह चार दिन से जेल में बंद हैं।
    • यूपी के हापुड़ में एक गांव में घुसा मगरमच्छ, वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया।
    • रूस के पुतिन के करीबी ने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया, कुरस्क में महिला हमले के पीछे अमेरिका का हाथ बताया।
    • ईरान के संभावित हमले से पहले इजराइल को ब्रिटेन और फ्रांस का समर्थन मिला।
    • थाईलैंड की नई प्रधानमंत्री पेटा गुनत्र, देश की सबसे कम उम्र की पीएम बनीं।

    ये प्रमुख घटनाएं और मुद्दे आज के दिन के समाचारों की मुख्य बातें हैं।

  • बुलडोजर एक्शन पर प्रियंका गांधी और सीएम योगी का टकराव

    बुलडोजर एक्शन पर प्रियंका गांधी और सीएम योगी का टकराव

    बुलडोजर एक्शन पर प्रियंका गांधी और सीएम योगी का टकराव

    मध्य प्रदेश – हाल ही में, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बुलडोजर एक्शन’ ने मध्य प्रदेश में भी तहलका मचा दिया है। छतरपुर में एक आरोपी की आलीशान कोठी पर बुलडोजर चलाकर उसे पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया। इस कार्रवाई ने फिर से राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है।

    प्रियंका गांधी की आपत्ति

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी भी आरोपी का अपराध और उसकी सजा केवल अदालत ही तय कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोप लगते ही आरोपी के परिवार को सजा देना और उसका घर तोड़ना कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि सरकार को कानून का पालन करना चाहिए, न कि खुद न्याय करने का प्रयास करना चाहिए।

    सीएम योगी का जवाब

    इस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके बुलडोजर एक्शन का मकसद कानून की सख्ती से पालना और माफियाओं को सबक सिखाना है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति पर कब्जा करता है या कानून तोड़ता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है। योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह मॉडल अब अन्य बीजेपी शासित राज्यों में भी अपनाया जा रहा है, जैसे मध्य प्रदेश और असम में।

    मध्य प्रदेश का ताजा मामला

    मध्य प्रदेश में हाल ही में शहजाद हाजी की आलीशान कोठी पर बुलडोजर चलाया गया। हाजी पर आरोप था कि उसने थाने पर पथराव किया था। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी नेता राधिका खेड़ा ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी पार्टी जब किसी मुस्लिम आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होती है, तो तुरंत प्रतिक्रिया देती है, लेकिन जब माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जाता है, तो बुरा मान जाती है।

    सारांश

    इस विवाद ने एक बार फिर से यह स्पष्ट कर दिया है कि बुलडोजर एक्शन राजनीति का एक विवादास्पद मुद्दा है। कुछ लोग इसे कानून का सख्त पालन मानते हैं, जबकि दूसरों का कहना है कि यह बर्बरता है। आप इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट करके जरूर बताएं।

  • डोमचांच पुलिस ने वाहन चोरी गिरोह का किया खुलासा

    डोमचांच पुलिस ने वाहन चोरी गिरोह का किया खुलासा

    डोमचांच पुलिस ने वाहन चोरी गिरोह का किया खुलासा

    डोमचांच (कोडरमा) – डोमचांच पुलिस ने वाहन चोरी के एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों की पहचान पप्पु कुमार उर्फ पप्पु कुमार मेहता और रोहित कुमार उर्फ रोहित कुमार मेहता उर्फ धौनी के रूप में की गई है। इन दोनों को डोमचांच थाना कांड संख्या 76/24 दिनांक 20.08.2024 के तहत गिरफ्तार किया गया है।

    गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने एक पिकअप वाहन को बरामद किया। इस वाहन का पंजियन संख्या JH-12H-4470 था, जिस पर लाल रंग से “जय श्री राम” और “जय मां तारा” लिखा हुआ था। साथ ही एक और पिकअप वाहन, जिसका पंजियन संख्या JH-12E-2336 था, जिसे सफेद रंग में पेंट किया गया था और जिसका अगला भाग क्षतिग्रस्त था, भी बरामद किया गया।

    पुलिस अधीक्षक कोडरमा ने बताया कि यह कार्रवाई वाहन चोरी की शिकायतों के आधार पर की गई है और जिले को अपराध मुक्त बनाना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि डोमचांच थाना कांड संख्या 65/24 और कांड संख्या 76/24 में चोरी किए गए वाहनों की बरामदगी के लिए विशेष छापामारी दल का गठन किया गया था।

    डोमचांच थाना प्रभारी प्रेम कुमार ने बताया कि इस मामले में पुलिस अधीक्षक कोडरमा की निगरानी में लगातार कार्रवाई की जा रही थी। छापामारी दल में थाना प्रभारी प्रेम कुमार, पु.अ.नि. अजीत कुमार महतो, पु.अ.नि. दिन्दर उराँव, पु.अ.नि. कमल लाल ताँति, चालक आरक्षी गौतम कुमार सिंह, चालक आरक्षी रहमत आलम, आरक्षी/619 रूपलाल स्ट्रॉबेरी, और आरक्षी/537 रामलाल महतो शामिल थे।

    गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने जिले में वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

  • जागरूक जनता पार्टी की प्रत्याशी अनीशा सिन्हा ने तीन निःशुल्क कोचिंग संस्थानों का उद्घाटन किया

    जागरूक जनता पार्टी की प्रत्याशी अनीशा सिन्हा ने तीन निःशुल्क कोचिंग संस्थानों का उद्घाटन किया

    जागरूक जनता पार्टी की प्रत्याशी अनीशा सिन्हा ने तीन निःशुल्क कोचिंग संस्थानों का उद्घाटन किया

    जागरूक जनता पार्टी की गिरिडीह विधानसभा प्रत्याशी अनीशा सिन्हा ने रविवार को बोड़ो, बनखजो, परातडीह, बरवाडीह और सिहोडीह में एक जनसभा का आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने राधास्वामी संगठन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तीन निःशुल्क कोचिंग संस्थानों का उद्घाटन किया।

    अनीशा सिन्हा ने बताया कि राधास्वामी संगठन पिछले 15 वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में कार्यरत है। संगठन ने कन्यादान योजना के तहत हजारों बच्चियों के विवाह में सहयोग किया है, शिक्षा में कई बच्चों की मदद की है, और आवास प्रदान किए हैं। अब संगठन ने गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में भी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने का निर्णय लिया है।

    परातडीह में अंबाटांड, कमलजोर और नीचे पहरीडीह में स्थापित किए गए तीन निःशुल्क कोचिंग संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। अनीशा सिन्हा ने कहा कि ये कोचिंग संस्थान क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे और उनके उज्जवल भविष्य की दिशा में एक बड़ा योगदान देंगे।

    इस अवसर पर संगठन के नगर जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार, ग्रामीण जिला अध्यक्ष नंदलाल पांडेय, कार्यालय प्रभारी अमित कुमार के साथ-साथ संगठन के अन्य प्रतिनिधि पंकज कुमार तरवे, बेबी देवी, सरिता शर्मा और राधा देवी भी उपस्थित थे। जनसभा में हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया और इस शिक्षा पहल की सराहना की।

  • उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की सफलता, 94 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति

    उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की सफलता, 94 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति

    उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की सफलता, 94 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति

    उत्तरी छोटानागपुर, 24 अगस्त: झारखंड की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के 7 जिलों में 15 लाख 29 हजार 883 लाभुकों के आवेदनों को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे योजना की सफलता का प्रतिशत 93.63% तक पहुँच गया है।

    मुख्यमंत्री ने प्रमंडल स्तरीय कार्यक्रम के दौरान 13 लाख 94 हजार 82 लाभुकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सम्मान राशि हस्तांतरित की। यह कदम महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    जिलावार उपलब्धि इस प्रकार है:

    • हजारीबाग: 2 लाख 29 हजार 835 लाभुक
    • धनबाद: 2 लाख 63 हजार 751 लाभुक
    • बोकारो: 2 लाख 66 हजार 537 लाभुक
    • गिरिडीह: 2 लाख 95 हजार 966 लाभुक
    • कोडरमा: 99 हजार 378 लाभुक
    • चतरा: 1 लाख 38 हजार 237 लाभुक
    • रामगढ़: 1 लाख 378 लाभुक

    इस कार्यक्रम में झारखंड के कई वरिष्ठ मंत्री और विधायक भी शामिल हुए, जिनमें मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री बेबी देवी, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, विधायक मथुरा प्रसाद महतो, विधायक उमा शंकर अकेला, विधायक विनोद सिंह, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक जयमंगल सिंह, विधायक अम्बा प्रसाद, विधायक लंबोदर महतो, पूर्व विधायक ममता देवी, और फागु बेसरा शामिल थे।

    महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव मनोज कुमार, प्रमंडलीय आयुक्त सुमन कैथरीन किस्पोट्टा, हजारीबाग की उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

  • बड़कागांव: ओएनजीसी के पुराना क्वार्टर में रस्सी से झूलता मिला युवक का शव, हत्या या आत्महत्या पर उठे सवाल

    बड़कागांव: ओएनजीसी के पुराना क्वार्टर में रस्सी से झूलता मिला युवक का शव, हत्या या आत्महत्या पर उठे सवाल

    बड़कागांव: ओएनजीसी के पुराना क्वार्टर में रस्सी से झूलता मिला युवक का शव, हत्या या आत्महत्या पर उठे सवाल

    बड़कागांव, 24 अगस्त: बड़कागांव थाना क्षेत्र के ढेँगा देवी मंडप के पास ओएनजीसी के पुराना क्वार्टर में शनिवार को एक युवक का शव रस्सी से झूलता हुआ मिला। शव की पहचान कदमाडीह निवासी नेतलाल सिंह के 35 वर्षीय पुत्र मुकेश कुमार सिंह के रूप में हुई।

    घटना की जानकारी चरवाहों ने सबसे पहले पुलिस को दी, जिन्होंने शव को कब्जे में लेकर हजारीबाग पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।

    वर्तमान में गांव में इस शव की स्थिति को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मुकेश कुमार सिंह को नशे की आदत थी, और उसकी सिर के पीछे चोट लगी हुई पाई गई है। रस्सी में चार-पांच गांठें लगी हुई थीं, जिससे मामला संदिग्ध हो गया है।

    पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर आत्महत्या और हत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी है। आगामी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की सही वजह का पता चल सकेगा।

  • कोडरमा: शिक्षकों को तम्बाकू नियंत्रण पर प्रशिक्षण, शैक्षणिक संस्थानों को तम्बाकू मुक्त बनाने का अभियान

    कोडरमा: शिक्षकों को तम्बाकू नियंत्रण पर प्रशिक्षण, शैक्षणिक संस्थानों को तम्बाकू मुक्त बनाने का अभियान

    कोडरमा: शिक्षकों को तम्बाकू नियंत्रण पर प्रशिक्षण, शैक्षणिक संस्थानों को तम्बाकू मुक्त बनाने का अभियान

    कोडरमा, 24 अगस्त: राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कोडरमा जिले में आयोजित एक प्रशिक्षण सत्र में शिक्षकों को तम्बाकू और इससे बने उत्पादों के उपयोग पर नियंत्रण को लेकर जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण स्कूलों को तम्बाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

    प्रशिक्षण सत्र की अध्यक्षता करते हुए जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी और जिला नोडल पदाधिकारी राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम डॉ. रमण कुमार ने शिक्षकों को तम्बाकू के सेवन के खतरों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि तम्बाकू का उपयोग वर्तमान में युवाओं के बीच भी बढ़ता जा रहा है, जो एक गंभीर समस्या है। तम्बाकू का सेवन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है और इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा होता है।

    मुख्य प्रशिक्षक डॉ. सोमेश कुमार ने तम्बाकू के उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक महेश कुमार ने शिक्षकों को समाज का मार्गदर्शक बताते हुए तम्बाकू मुक्त समाज की दिशा में कदम उठाने का आह्वान किया।

    तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला परामर्शी दीपेश कुमार ने कोटपा एक्ट 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन और इसके तहत लागू धाराओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर तम्बाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान घोषित करने के लिए आवश्यक गतिविधियों पर भी चर्चा की गई।

    प्रशिक्षण सत्र में सोशल वर्कर हिमांशु कुमार, सिद्धान्त ओहदार, और रेमिश हेंब्रम भी मौजूद थे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों में पंकज कुमार, मनोज कुमार ठाकुर, विनय कुमार सिंह, मनोज कुमार सिन्हा, विजय कुमार, अर्जुन ठाकुर, कमलेश कुमार सिंह, इंद्रदेव प्रसाद यादव, सुनील राम, गोबिंद प्रसाद, बंसीधर यादव, रविकांत कुमार राम, उदय कुमार यादव, सुमन कुमार, राजीव रंजन, संजय कुमार यादव, और रूबी कुमारी शामिल थे।