Thursday 12th of February 2026 01:44:11 AM
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मोदी ओबीसी के इतने ही हितैषी हैं तो जातिगत जनगणना क्यों नहीं करवाते?

ओबीसी बिल के दुष्परिणामों के बारे में जनता को जागरुक करेंगे- शरद पवार
ओबीसी बिल के दुष्परिणामों के बारे में जनता को जागरुक करेंगे- शरद पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ओबीसी प्रेम को दिखावा करार दिया है। उन्होने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सचमुच ओबीसी समाज की भलाई चाहते हैं तो सबसे पहले जातिगत जनगणना करवाएं । उन्होने कहा कि भाजपा का ओबीसी प्रेम सिर्फ वोट लेने के लिए है। देश का ओबीसी समाज ब्राह्मणवादी भाजपा की चाल में नहीं फंसने वाला ।

ओबीसी बिल की सच्चाई जनता को बताउंगा

पिछले सत्र में संसद के दोनों सदनो में पास हुए ओबीसी बिल की आलोचना करते हुए शरद पवार ने कहा कि इससे ओबीसी समाज को आपस में लड़ाने की साजिश रची गई है। उन्होने कहा कि ऊपरी तौर पर ऐसा लगता है कि राज्य सरकारों को अपने-अपने राज्य में ओबीसी की लिस्ट बनाने का अधिकार मिल गया है, पर यह अधूरा सच है. शरद पवार ने कहा कि अब भी रिजर्वेशन की लिमिट 50% तक ही है, देश में जातिगत जनगणना नहीं हुई है. इन दोनों बाधाओं के रहते ओबीसी बिल का कोई महत्व नहीं. हम इसके बारे में जनता को जागरुक करेंगे ।

कई भाजपा सांसद भी जातिगत जनगणना के पक्ष में

शरद पवार ने कहा कि भाजपा के कई नेता भी जातिगत जनगणना के समर्थन में हैं, लेकिन उनमें सच्चाई बोलने की हिम्मत नही है। शरद पवार ने दावा किया कि भाजपा के बाकी नेता मोदी-शाह के डर के कारण खामोश हैं । उन्होने कहा कि महलोग केन्द्र सरकार को ओबीसी एक्ट में बदलाव करने को मजबूर कर देंगे ।

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