झारखंड की ब्यूरोक्रेसी की सोंच महिला विरोधी : रेखा शर्मा

महिला आयोग में रिक्त पदों के कारण महिलाओं को नहीं मिल रहा अधिकार: रेखा शर्मा
महिला आयोग में रिक्त पदों के कारण महिलाओं को नहीं मिल रहा अधिकार: रेखा शर्मा

नयी दिल्ली । राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने झारखंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सूचित किया कि राज्य महिला आयोग में पद खाली होने के कारण राज्य में महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित हैं।

एनसीडब्ल्यू द्वारा शनिवार को जारी एक बयान के अनुसार,

उन्होंने राज्य के नेताओं को पुलिस द्वारा महिलाओं को कथित तौर पर परेशान किए जाने से भी अवगत कराया, विशेष रूप से घरेलू हिंसा के मामलों में, क्योंकि पुलिसकर्मियों ने ससुराल वालों और पतियों का पक्ष लिया।

शर्मा ने नौ से 11 दिसंबर के अपने झारखंड दौरे के दौरान राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और वरिष्ठ अधिकारियों से राज्य से महिलाओं की कथित तस्करी के बारे में भी जानकारी मांगी।
एनसीडब्ल्यू के बयान के अनुसार,

झारखंड से लंबित मामलों की सूची पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पहले ही ई-मेल कर दी गई थी, फिर भी अध्यक्ष महोदया को मामलों में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। डीजीपी ने रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 दिन और मांगे हैं।

आयोग के अनुसार, संबंधित अधिकारियों ने शर्मा को सूचित किया कि हालांकि ‘डायन कुप्रथा’ के खिलाफ एक कानून था, लेकिन इसे प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया इसलिए राज्य में अभी भी कई मामले सामने आ रहे हैं।

आयोग ने कहा कि शर्मा ने महिलाओं के लिए राज्य के मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल के अपने दौरे के दौरान देखा कि तीन महिलाएं ‘‘बिल्कुल ठीक हैं फिर भी भर्ती हैं।’’

बयान के अनुसार,

महिला को सही मानसिक स्थिति में पाया गया था। एक और महिला थी जो डॉक्टर थी लेकिन पुलिस ने उसके पति के साथ मिलकर उसे भर्ती करने के लिए मजबूर किया क्योंकि उसका पति उसकी सारी संपत्ति और पैसा लेना चाहता था।

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