यौन शोषण के आरोपी बुद्धू पंडित की कलंक कथा

संजय मिश्रा उर्फ बुद्धू पंडित की फाइल तस्वीर
संजय मिश्रा उर्फ बुद्धू पंडित की फाइल तस्वीर

चक्रधरपुर।  भाजपा ने ब्लैकमेलर और उगाही एक्सपर्ट संजय मिश्रा उर्फ बुद्धू पंडित को क्या देखकर अपना मीडिया प्रभारी बनाया ये तो पार्टी ही बता सकती है।  लेेकि एक अंतर्राष्ट्रीय महिला खिलाड़ी के यौन शोषण के आरोपी के लिि बीजेपी, कांग्रेस और झामुमो के बड़े नेताओं का फोो आना उसकी राजनीतिक हैसियत को बताता है।

कौन है संजय मिश्रा उर्फ बुद्धू पंडित? 

बिहार के औरंगाबाद जिले के लट्टा-बेरी गांव का रहने वाले बुद्धू पंडित ने अपने करियर की शुरुआत एक दैनिक अखबार में बतौर पत्रकार की। लेकिन स्वभाव से ही फ्राड संजय मिश्रा को जल्द ही समझ में आ गया कि ईमानदारी से कलम चलाना उसके बस की बात नहीं है। वह अपने समय के उभरते भाजपा नेता लक्ष्मण गिलुआ के नजदीक आ गया।  बेचारे शरीफ लक्ष्मण गिलुआ के नाम पर बुद्धू पंडित ने ठेकेदारों, इंजीनियरों और दूसरे सरकारी कर्मचारियों से अवैध वसूली शुरू की।

रेलवे के ठेके में आजमाया हाथ

बुद्धू पंडित ने एक और ठेकेदार पप्पू साव के साथ मिलकर रेलवे के ठेकेदारी में हाथ आजमाया।  लेकिन चूंकि इसे काम न कर सिर्फ धोखेबाजी करनी थी, लिहाजा पप्पू साव के साथ पार्टनरशीप जल्द ही टूट गया।  कुछ वर्ष पहले पप्पू साव और फिर लक्ष्मण गिलुआ के निधन के बाद बुद्धू पंडित की ताकत आधी रह गई। इसी बीच भाजपा का मीडिया प्रभारी रहने के बावजूद उसने मंत्री मिथिलेश ठाकुर और जोबा मांझी से नजदीकी बढ़ानी शुरू कर दी।

पत्नी के साथ झगड़े के कारण खुला यौन शोषण का राज 

अंतर्राष्ट्रीय महिला खिलाड़ी के साथ बुद्धू पंडित द्वारा यौन शोषण का राज कभी नहीं खुलता अगर पत्नी के साथ उसने मारपीट न की होती। सूत्र बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी के साथ आपत्तिजनक स्थिति एक वीडियो बुद्धू पंडित की पत्नी के पास था। इसे लेकर उस महिला खिलाड़ी और बुद्धू पंडित की पत्नी के बीच मारपीट भी हुई थी। करीब तीन-चार दिन पहले बुद्धू पंडित की पत्नी और उस महिला खिलाड़ी के बीच हाथापाई हुई। महिला खिलाड़ी को लगा कि बस अब बहुत हुआ। उस महिला खिलाड़ी ने बुद्धू पंडित के खिलाफ यौन शोषण का मामला थाने में दर्ज करवा दिया। इधर बुद्धू पंडित की पत्नी ने यौन शोषण (आपत्तिजनक स्थिति) वाला वीडियो थाने को सौंप दिया।

थाना प्रभारी प्रवीण कुमार(सिंह) के पास आते रहे बड़े-बड़े लोगों के फोन

चक्रधरपुर थाना प्रभारी ने जब यौन शोषण का आरोप लगने के बाद बुद्धू पंडित को पूछताछ के लिए बुलाया तो पैरवी के लिए बड़े-बड़े नेताओं के फोन आने लगे। हैरत की बात है कि झामुमो कोटे के मंत्री भी मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाते रहे। लेकिन सुबह बुद्धू पंडित को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और मामले की गंभीरता और साक्ष्य को देखते हुए उसे जेल भेज दिया गया। पीड़ित लड़की ने भी मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज करवा दिया है।

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