लालजी यादव ने आत्महत्या नहीं की, सिस्टम ने उन्हे मार डाला, रूपा तिर्की अब अकेली नहीं है….

बेईमान नहीं थे लालजी, इसलिए सस्पेंड कर दिए गये- आरोप
बेईमान नहीं थे लालजी, इसलिए सस्पेंड कर दिए गये- आरोप

पलामू जिला के नावाबाजार थाना के चार दिन पूर्व निलंबित थाना प्रभारी लालजी यादव ने सोमवार की रात आत्महत्या कर ली। मंगलवार की सुबह उनका शव थाना परिसर स्थित क्वार्टर में फांसी के फंदे से झूलता पाया गया। वह झारखंड के साह‍िबगंज के रहने वाले थे। थाना प्रभारी रहे लालजी यादव के आत्महत्या की सूचना मिलते ही ग्रामीण एकत्र हो गए। इसके बाद एनएच 98 मेदिनीनगर-औरंगाबाद मुख्य पथ को जाम कर दिया । लालजी यादव के साथी और स्थानीय लोगों का कहना है क‍ि इस खुदकुशी के पीछे की सच्‍चाई सामने आनी चाह‍िए। लालजी यादव को जानबूझ कर खुदकुशी के ल‍िए प्रर‍ित क‍िया गया।

रात आठ बजे सोने चले गए कमरे में

बताया जाता है कि लालजी यादव रांची के बुढ़मू थाने में मालखाना का प्रभार देकर सोमवार की शाम नावाबाजार थाना परिसर स्थित अपने क्वार्टर में लौटे थे। रात 8 बजे अपने कमरे में सोने चले गए थे। मंगलवार की सुबह वह कमरे से बाहर नहीं निकले तो उनके दरवाजे को खटखटाया गया।

ऐसे पता कर ली है खुदकुशी

जब कोई जवाब नहीं म‍िला तो पुलिस कर्मियों ने अंदर झांक कर देखा। उनका शव पंखा में लटका पाया गया। इसके बाद यह खबर अन्‍य पुल‍िस जवानों तक पहुंची। देखते ही देखते थाने में हड़कंप मच गया। हर कोई भाग कर उनके कमरे की ओर दौड़ पड़ा।

साहिबगंज में लालजी यादव के घर में कोहराम

उधर साहिबगंज में लालजी यादव की आत्महत्या की खबर परिजन स्तब्ध हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मंगलवार को पूर्वाह्न 11.00 बजे उनकी पत्नी पूजा देवी, पिता राम अयोध्या यादव, भाई संजीव यादव, मां महेश्वरी देवी सड़क मार्ग से पलामू के लिए रवान हो गए। लालजी यादव के स्थानीय कबूतरखोपी चानन स्थित घर के बाहर सुबह से आसपास के लोगों की भीड़ लग गई।

क्या कभी सामने आएगी आत्महत्या के पीछे की वजह ?

इधर, पलामू से बताया गया कि लालजी यादव ने थाने में ही आत्महत्या कर ली। डीटीओ की शिकायत पर चार दिन पहले वहां के एसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। बतौर थाना प्रभारी पर स्टोन लदे जब्त ट्रक को कब्जे लेने से इनकार करने का आरोप था। लोगों की जुबान पर एक ही चर्चा है कि लालबाबू अंदर से काफी सख्त किस्म का युवक था। वह आत्महत्या नहीं कर सकता है। बचपन से ही वे पढ़ने-लिखने में काफी होनहार थे। 2012 बैच में पुलिस अवर निरीक्षक के रूप में बहाली हुई थी। उधर, दिवंगत लालबाबू के भाई, चाचा, भतीजा समेत अन्य परिजनों ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की।

झारखण्ड में आत्महत्या क्यों कर रहे हैं पुलिस के छोटे अधिकारी

झारखंड मे नही थम रहा पुलिस पदाधिकारी, कर्मचारियों की हत्या आत्महत्या का सिलसिला। रूपा तिर्की का मामला अभी सीबीआई मे लंबित है वहीं संदिग्धावस्था मे पलामू के नावा बाजार थाना मे बतौर प्रभारी नियुक्त साहिबगंज के लालजी यादव का शव मिला है। सूचना पर परिवार के लोग पलामू के लिए रवाना हो चूके है।

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