चार घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तेंदुए को सुरक्षित पकड़ा गया, स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
अनेकल (बेंगलुरु): कर्नाटक के कंतलारेड्डी ब्लॉक, जिगानी में गुरुवार सुबह एक घर में घुसे तेंदुए को कालकेरे वन विभाग की टीम ने बेहोशी का इंजेक्शन देकर पकड़ लिया। यह चार घंटे लंबा ऑपरेशन था, जिसके बाद स्थानीय लोगों और घर के मालिक ने राहत की सांस ली।
कैसे घर में घुसा तेंदुआ?
🔹 सुबह करीब 8 बजे, सात साल की मादा तेंदुआ जिगानी के आउटर रिंग रोड पर घूमती हुई देखी गई।
🔹 कुछ ही देर में वह वेंकटेश नामक व्यक्ति के घर में घुस गई, जो किराए के मकान में रहते हैं।
🔹 दरवाजे पर लकड़ी का बोर्ड लगाया गया था ताकि कुत्ते घर में न घुस सकें, लेकिन तेंदुआ उस पर कूदकर सीधे एक कमरे में चला गया।
🔹 वेंकटेश और उनकी पत्नी वेंकटलक्ष्मी उस समय रसोई और हॉल में थे।
वेंकटेश ने पहले तेंदुए को कुत्ता समझा!
📌 वेंकटेश ने कहा, “हम दोनों कॉफी पी रहे थे। तभी हमने किसी जानवर के कूदने की आवाज सुनी। पहले हमें लगा कि कोई कुत्ता अंदर आ गया है। लेकिन फिर हमने उसकी पूंछ देखी और समझ गए कि यह तेंदुआ है।”
📌 “हमने तुरंत दरवाजा बंद किया, बाहर भागे और पड़ोसियों को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग को बुलाया गया।”
चार घंटे बाद ऑपरेशन सफल
🔸 वन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बेहोशी का डार्ट चलाया और तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में बंद कर लिया।
🔸 तेंदुए को वन विभाग के रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी सेहत की जांच की जाएगी।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
✔ “कई दिनों से इलाके में तेंदुए की मौजूदगी की खबरें आ रही थीं। अब इसे पकड़ लिया गया है, तो हम सब निश्चिंत हैं।”
✔ “वन विभाग की टीम ने बेहतरीन काम किया, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।”

