रघुवर काल में पूजा सिंघल को क्लीन चिट दिए जाने का जेएमएम ने किया खुलासा

रांची: झारखंड की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के आवास सहित अन्य ठिकानों पर ईडी की छापेमारी के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. राज्य में सत्ताधारी पार्टी जेएमएम ने इस संबंध में एक जोरदार खुलासा किया है. जेएमएम के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि साल 2008 से 2009 के बीच मनरेगा योजना के नाम पर गड़बड़झाला मामले में पूजा सिंघल के विरुद्ध जांच में रघुवर दास सरकार के द्वारा क्लीन चिट दिए जाने से संबंधित दस्तावेज सामने आए हैं. जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य और विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने मीडिया के समक्ष इस दस्तावेज को सार्वजनिक किया.

कार्मिक, प्रशासनिक एवं राजभाषा विभाग संकल्प के दिनांक 27 फरवरी 2017 में पूजा सिंघल पर लगे सभी आरोप प्रमाणित नहीं होने की बात कही गई है. साथ ही पूजा सिंघल को आरोप मुक्त करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही को समाप्त करने का आदेश जारी किया गया था. संचालन पदाधिकारी के तौर पर अमरेंद्र प्रताप सिंह ने ये जांच रिपोर्ट सौंपी थी.

जेएमएम के नेताओं ने कहा कि ईडी की छापेमारी को हेमंत सोरेन सरकार के साथ जोड़कर बीजेपी बताने में जुटी है, जबकि सच्चाई ये है कि अर्जुन मुंडा की सरकार में अधिकारी के विरुद्ध जो जांच हुई, उसे रघुवर दास की सरकार में क्लीन चिट दे दिया गया. इस मामले में तब जेवीएम शिकायतकर्ता की भूमिका में थी. उन्होंने बीजेपी के साशनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले में तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा और तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास को अभियुक्त बनाया जाना चाहिये. ये तमाम मामले खूंटी और चतरा जिले के मनरेगा योजना से जुड़े हुए थे. आज स्थिति चोर मचाये शोर की तरह है.

 

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