कृषि टैक्स विधेयक वापस लेगी सरकार, ग्रामीण विकास मंत्री ने दिया आश्वाशन

रांची: बीते कई दिनों से कृषि टैक्स बिल वापस लेने की मांग को लेकर झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज को कामयाबी मिली है. ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम से चैंबर सदस्यों के मुलाकात के दौरान मंत्री ने आश्वाशन दिया है कि राज्य सरकार कृषि शुल्क विधेयक को वापस ले लेगी. आश्वासन के बाद चैंबर ने पिछले कुछ दिनों से खाद्यान्न का आवक आपूर्ति बंद करने के आंदोलन को स्थगित करने का फैसला किया है. बता दें कि बीते दिनों राज्यपाल रमेश बैस ने भी विधेयक के हिंदी और अंग्रेजी शब्दों में अंतर होने की बात कर इसे राज्य सरकार को वापस भेज दिया था.

झारखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, 2022 को निरस्त करने के मुद्दे पर शुक्रवार को चैंबर ने सूबे के मंत्री से मुलाकात की. इस दौरान विधायक दीपिका पांडेय सिंह भी उपस्थित रही. चैबर प्रतिनिधियों ने अपनी बात को उनके सामने विस्तार से रख कहा कि कृषि विधेयक के लागू होने से झारखण्ड में विकसित हो रहे कृषि कार्य, कृषि आधारित उद्योग, व्यापार और छोटे जमीनी स्तर के सब्जी विक्रेता जो कि विकास कार्यों को बढ़ावा दे रहे हैं, वे सब प्रभावित होंगे. इस विधेयक के प्रभावी होने के कारण कृषि, कृषि आधारित उद्योगों और व्यापार जगत और गरीब-गुरबों के बीच अधिकारियों के भ्रष्टाचार का बोलबाला हो जायेगा.

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