भाषा और स्थानीयता को संवेदनशील तरीके से हल करे झारखंड सरकार- वृंदा करात

विभाजनकारी एजेंडा लागू करने से बाज आए झारखंड सरकार-वृंदा करात
विभाजनकारी एजेंडा लागू करने से बाज आए झारखंड सरकार-वृंदा करात

रांची । मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात ने कहा कि झारखंड सरकार न तो स्थानीयता को स्पष्ट कर रही है, न भाषा विवाद का सही तरीके से हल हो रहा है। उन्होने रांची में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हेमंत सरकार जिस तरह इन मुद्दों को हैंडल कर रही है, उससे तो लगता है कि झारखंड में विभाजनकारी एजेंडा लागू करने की होड़ मची है। वृंदा करात ने कहा कि भाजपा रूपेश पांडे के मुद्दे पर सांप्रदायिकता फैला रही है तो हेमंत सोरेन बाहरी और झारखंडियों को लड़ाकर वोटबैंक साधना चाहते हैं। उन्होनेआरोप लगाया कि भाजपा धर्म के नाम पर भारत के लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे को बर्बाद करने पर तुली है। भाजपा शासित राज्यों में राज्यपाल के पद का दुरुपयोग हो रहा है।

कहा- यह व‍िकास नहीं व‍िनाश की योजना है

उन्‍होंने कहा क‍ि रघुवर दास शासन के बाद जल, जंगल, जमीन से वंचित कर देने के तरकीब ढूंढ़े जा रहे हैं। सरकार अब टाइगर और हाथी कारिडोर के नाम पर लोगों को विस्थापित करने की साजिश रच रही है। यह विकास नहीं, विनाश की योजना है। उन्होंने भाषा और स्थानीयता के मामले में न्यायिक आयोग के गठन की मांग उठाई। कहा कि सर्वदलीय बैठक बुलाकर पार्टी नेताओं की राय और जनता का मत लेना चाहिए। प्रेस कांफ्रेंस में माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, सुखनाथ लोहरा सहित अन्य नेता मौजूद थे

इलेक्शन कमीशन बन गया भाजपा कमीशन

पांच राज्यों के चुनाव में भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी उन्होंने सवाल उठाए। कहा कि जिस तरह से उत्तरप्रदेश सहित अन्य जगहों पर भगवा खेमे को सौ खून माफ कर दिया गया है उससे तो लगता है कि इलेक्शन कमीशन भाजपा कमीशन बन कर रह गया है।

राज्यपाल के कारण मॉब लिंचिंग कानून नहीं बन पा रहा

भाजपा के पास जनता को बताने के लिए कुछ नहीं रह गया है। चुनाव में भाजपा की भाषा गाली बन गई है। वृंदा करात ने माब लिंचिंग कानून पर राज्यपाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह से भीड़ द्वारा हत्याएं हुई हैं, उससे तो यही लगता है कि राज्यपाल को इस मामले में ज्यादा गंभीर होकर काम करना चाहिए।

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