पारा शिक्षकों को वेतनमान से मुकरी झारखंड सरकार, वार्ता असफल

सरकार आरक्षण रोस्टर का पालन न होने की दे रही दलील
सरकार आरक्षण रोस्टर का पालन न होने की दे रही दलील

रांची: पारा शिक्षक-शिक्षा मंत्री बैठक के बाद सरकार पारा शिक्षकों को वेतनमान से मुकर गई है । झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो और शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों के साथ पारा शिक्षकों के संगठन एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की बैठक के बाद ये फैसला हुआ है । जिसके बाद एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के नेता सरकार के रुख पर नाराजगी जताई है । पारा शिक्षकों का कहना है कि वे सरकार के रुख पर जिला स्तर पर बैठक कर आगे की रणनीति का फैसला लेंगे ।

क्यों नाराज हैं पारा शिक्षक ?

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय समिति के सदस्य संजय दुबे ने सरकार के रुख पर अफसोस जताते हुए कहा कि शिक्षा विभाग और सरकार पारा शिक्षकों के मुख्य मांग वेतनमान से अब मुकर रही है । आज की बैठक में जो जानकारी विभाग की ओर से दी गयी उसके अनुसार वेतनमान की जगह मानदेय में बढ़ोतरी कर नियमावली बनाना चाह रही है । सरकार की ओर से जो प्रस्ताव दिए गए हैं उसके अनुसार टेट पास पारा शिक्षकों के लिए 50% मानदेय बढ़ोतरी और प्रशिक्षित पारा शिक्षकों के लिए 40% मानदेय बढ़ोतरी का प्रस्ताव के साथ नियमावली बनाना है ।

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने दो दिन का मांगा समय

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के नेता संजय दुबे ने कहा कि सरकार के इस प्रस्ताव पर पारा शिक्षक का रुख क्या होगा इसका फैसला पारा शिक्षक अपने जिला इकाई के साथियों के साथ बैठ कर करेंगे इसलिए मोर्चा की ओर से अपना रुख स्पष्ट करने के लिए दो दिन का वक्त मांगा गया है ।

वेतनमान को लेकर क्या था विभाग का रुख

वेतनमान देने से पीछे हट रही सरकार के रुख पर पारा शिक्षक नेता संजय दुबे ने बताया कि सरकार का कहना है कि पारा शिक्षकों की नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं हुआ है । इसलिए वेतनमान देने में परेशानी है । पारा शिक्षक नेताओं ने कहा कि आरक्षण रोस्टर का अगर पालन नहीं किया गया तो इसमें पारा शिक्षकों का क्या दोष है ।

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