देश में बिजली की सर्वाधिक कमी झेलने वाला राज्य बना झारखण्ड, 17.3% बिजली की कमी

रांची: कहा जाता है कि मशाल जलता है तो चारों ओर उजाला फैल जाता है, लेकिन अगर अंधेरा कही रहता है तो वो है खुद मशाल के नीचे. कुछ ऐसा ही हाल है खनिज संपदा से सम्पन्न झारखंड प्रदेश का. दूसरे राज्यों को बिजली देने वाला झारखंड खुद अंधेरे में डूबा हुआ है. बढ़ी गर्मी में जहां बिजली की खपत बढ़ गई है वहाँ सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि अन्य कई राज्य बिजली की कटौती से जूझ रहे है. बिजली की मांग ज्यादा है और देश के एक चौथाई पावर प्लांट बंद हैं. 16 राज्यों में 10 घंटे तक बिजली कट रहे हैं. सरकार के मुताबिक, देशभर में 10 हजार मेगावाट, यानी 15 करोड़ यूनिट की कटौती की जा रही है. बात करें अगर उत्तर प्रदेश की तो 23 हजार मेगावाट की मांग रखने वाले राज्य में सिर्फ 20 हजार मेगा यूनिट ही सप्लाइ हो रही है.

हालांकि सबसे दैनिय हाल झारखंड का है. राज्य में मांग के अनुसार 17% बिजली की कमी देखने को मिल रही है. केंद्रीय कोयला व खान मंत्री प्रहृलाद जोशी दो दिवसीय झारखंड दौरे पर गुरुवार को रांची पहुंचे. उन्होंने राजमहल कोल प्रोजेक्ट और बिजली संकट को लेकर राज्य और कोल कंपनियों के साथ बैठक की. उनकी मुलाकात सीएम हेमंत सोरेन से भी तय थी, पर मां की तबीयत बिगड़ने के कारण वे हैदराबाद चले गए. पावर सेक्टर के विशेषज्ञ शैलेंद्र दुबे ने कहा है देश में ईंधन नहीं है. 9,745 मेगावाट क्षमता के प्लांट्स में शेड्यूल्ड शटडाउन है. वहीं 23,503 मेगावाट क्षमता के प्लांट अन्य कारणों से बंद पड़े हैं.

बात करें अगर राज्यों में बिजली की कमी की तो फिलहाल झारखंड में 17.3%, जम्मू-कश्मीर में 11.6%, राजस्थान में 9.6%, उत्तर प्रदेश में 9.0%, हरियाणा में 7.7%, उत्तराखंड में 7.6%, बिहार में 3.7%, महाराष्ट्र में 3.5%, गुजरात में 3.2% और मध्य प्रदेश में 2.8% की कमी देखने को मिल रही है.

 

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