Jamtara: लिंक पर क्लिक कर बिल जमा कर दीजिये नहीं तो कट जाएगी बिजली! ऐसा मैसेज भेजकर करते थे ठगी – News18 हिंदी

Jharkhand News: बिजली बिल के नाम पर ठगी करने वाले जामताड़ा के साइबर अपराधियों के पास से यह कार बरामद की गयी है.
रिपोर्ट- सुमन भट्टाचार्य
जामताड़ा. झारखंड के साइबर क्राइम सिटी कहे जाने जाने वाले जामताड़ा जिले में एक बार फिर एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. दरअसल जामताड़ा साइबर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. साइबर डीएसपी मंजरूल होदा के नेतृत्व में साइबर थाना पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पारटोल छापेमारी कर 5 साइबर अपराधियों को साइबर फिशिंग करते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है.
पुलिस के अनुसार ये सभी एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हुए बिजली बिल जमा नहीं करने और बिजली लाइन काटने का मैसेज भेज कर तथा केवाईसी अपडेट कराने के नाम से, गूगल में विभिन्न ई-कॉमर्स कंपनियों, ई पेमेंट कंपनियों ,उपभोक्ता सामग्री कंपनियों के कस्टमर केयर नंबर के रूप में अपना फर्जी मोबाइल डालकर उपभोक्ताओं को ठगने का काम करते थे.
जानें कैसे करते थे ठगी 
इस संबंध में एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि ये सभी एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हुए बिजली बिल जमा नहीं करने और बिजली लाइन काटने का मैसेज भेज कर तथा केवाईसी अपडेट कराने के नाम से, गूगल में विभिन्न ई-कॉमर्स कंपनियों, ई पेमेंट कंपनियों ,उपभोक्ता सामग्री कंपनियों के कस्टमर केयर नंबर के रूप में अपना फर्जी मोबाइल डालकर इन लोगों के द्वारा उपभोक्ताओं को ठगने का कार्य किया जा रहा था. उन लोगों के द्वारा झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार एवं अन्य राज्यों के भी लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है.
रिटायर्ड DIG के साथ भी की थी ठगी !
मनोज स्वर्गीयारी ने बताया कि सूत्रों के मुताबिक एक रिटायर्ड डीआईजी को भी इस गिरोह ने ठगी का शिकार बनाया है. बिहार के रिटायर्ड डीआईजी उमाशंकर प्रसाद के खाते से 1 लाख 11 हजार 232 रुपये की ठगी की थी। खाते से रुपयों की ठगी के लिए साइबर अपराधियों के द्वारा डीआईजी को बिजली बिल के नाम पर एक लिंक भेजा गया था. जिस पर डीआईजी साइबर अपराधियों के झांसे में आ गए।जब मामला प्रकाश में आया तब जाकर इसकी सूचना पटना के गर्दनीबाग पुलिस को दी गई.
पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच 
जांच के क्रम में जामताड़ा के अपराधियों के द्वारा ठगी का पता चलने के बाद बिहार पुलिस ने इस दिशा में कार्रवाई में जुट गई थी. हालांकि उन्हें कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी थी. इसके बारे में पूछे जाने पर एसपी ने बताया कि फिलहाल इसकी पड़ताल की जा रही है कि इन लोगों के द्वारा किन-किन लोगों को ठगा गया है रिटायर्ड डीआईजी से हुई ठगी की जानकारी उन्हें भी है. लेकिन इन लोगों के द्वारा उक्त ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया कि नहीं इसकी फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है. इसकी पड़ताल की जा रही है. गिरफ्तार साइबर अपराधियों को मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश करने के उपरांत जेल भेजा जा रहा है. वहीं फरार साइबर अपराधियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी रहेगी.
13 मोबाइल, 18 सिम, 1 आधार कार्ड, 2 चेक बुक और ₹1,25,000 नगद बरामद 
पकड़े गए साइबर अपराधियों में करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पारटोल गांव के गोविंद मंडल(23), राजगीर मंडल(27), वीरू मंडल(21),सुभाष मंडल(28) और पेरू मंडल(21) शामिल है. सभी अपराधी युवा है. छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद दो अन्य साइबर अपराधी पारटोल गांव के ही संतोष मंडल और विकास मंडल घटनास्थल से भागने में सफल रहा. इन सभी सातों साइबर अपराधियों के विरुद्ध जामताड़ा साइबर थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है.इस संबंध में एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि गिरफ्तार पांचों साइबर अपराधी के पास 13 मोबाइल, 18 सिम, एक आधार कार्ड, दो चेक बुक और नगद ₹1,25,000 बरामद हुए हैं. एसपी ने बताया कि फरार साइबर अपराधी संतोष मंडल पूर्व में भी साइबर अपराध में लिप्त रहा है। इसके अलावा गिरफ्तार सुभाष मंडल भी पुराना साइबर अपराधी है.
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Tags: Cyber Fraud, Jamtara Cyber Crime, Jharkhand news

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– (Ujjwal Duniya)

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