Interview चैंपियन टेबल टेनिस प्लेयर प्राप्ति सेन कहती हैं- जो अनुशासन में रहेगा वही शासन करेगा.. – दैनिक जागरण (Dainik Jagran)

प्राप्ति सेन के माता-पिता दोनों काम करते थे। शाम को अकेले न रहना पड़े इसलिए टेबल टेनिस खेलने लगी और 10 साल की उम्र में नेशनल चैंपियन बन गई। भारत में उनकी रैंक छठवीं है और रेलवे की महिला विंग की वह टाप खिलाड़ी हैं।

अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। Table Tennis Player प्राप्ति सेन के माता-पिता दोनों काम करते थे। शाम को अकेले न रहना पड़े इसलिए टेबल टेनिस खेलने लगी और 10 साल की उम्र में नेशनल चैंपियन बन गई। भारत में उनकी रैंक छठवीं है और रेलवे की महिला विंग की वह टाप खिलाड़ी हैं।
18 साल की प्राप्ति प्रशिक्षित भारतनाट्यम नृत्यांगना हैं, कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदक हैं। अनुशासन को सफलता का श्रेय मानती हैं, कहती हैं जो अनुशासन में रहेगा, वही शासन करेगा। दक्षिण पूर्व रेलवे में कार्यरत प्राप्ति ने दैनिक जागरण संवाददाता के साथ अपने अनुभव, युवाओं के लिए संदेश व विभिन्न विषय पर खुलकर बातचीत की। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश….।

प्रश्न – कब लगा टीटी में आगे जाना है?
उत्तर – छह साल की थी तब खेलना शुरू किया, 10 की उम्र में नेशनल चैंपियन बनी तो लगा आगे खेना है।
प्रश्न – यहां क्या उम्मीदें हैं ?
उत्तर – स्वर्ण चाहिए, उससे कम कुछ नहीं।
प्रश्न – कभी सोचा था इतना आगे जाएंगी ?
उत्तर -नहीं, बिल्कुल नहीं।
प्रश्न – सफलता का मूल मंत्र क्या है?

उत्तर – खेल को करियर बनाना यह किसी की मर्जी है लेकिन, खेल अनुशासन सिखाता है। खिलाड़ी सफल होता है क्योंकि वह अनुशासित है। अपने शब्दों में कहूं तो जो अनुशासन में रहेगा, वही शासन करेगा।
प्रश्न – टीटी के लिए सबसे से जरूरी क्या है?
उत्तर – गुस्सा नहीं आना चाहिए। हर तरह के प्रेशर में ठंडा रहना ही सबसे जरूरी है।
प्रश्न – आपकी प्रेरणा का क्या राज है ?

उत्तर – आत्मकथाएं। सौरव दादा की आत्मकथा बहुत प्रेरित करती है। कोबी ब्रायंट मेरे आदर्श हैं।
प्रश्न – जीवन की सबसे रोचक घटना ?
उत्तर – मेरे मुंह बोले भाई ने नेशनल चैंपियन बनने पर कुरकुरे का पैकेट दिया। वह मेरे लिए चैंपियन बनने से भी ज्यादा खुश करने वाली घटना थी।
प्रश्न – बेटियों को क्या संदेश देंगी?
– उत्तर – मेरे पापा को फर्क नहीं पड़ता कि मैं लड़की हूं या लड़का और यही मेरी सफलता का राज है। जिस दिन हर मां बाप यह सोचेगा हर बेटी सफल होगी। खेल, नौकरी, बिजनेस या कुछ भी करो अपने पैर पर खड़ी हो और पैसे कमाओ।

प्रश्न – आगे क्या सपने हैं?
उत्तर -ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है।

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source
– (Ujjwal Duniya)

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