कोल माइंस प्राविडेंट फंड में ब्याज मिलने की कोयला मंत्रालय की मंजूरी

कोल इंडिया के कर्मचारियों मे खुशी
कोल इंडिया के कर्मचारियों मे खुशी

नीरज कुमार जैन/

दुमका।  कोल इंडिया में कार्यकर्ता करीब दो लाख कार्मिकों को 2019-20 और 2020-21 के लिए ब्याज 8.5 फीसदी निर्धारित की गई। इसके पहले के दर से 0.10 कटौती कर दी गई। इसका फायदा सेवानिवृत हो चुके अधिकारी, कर्मचारियों को भी मिलेगा और उन्हें बढ़े हुए ब्याज दर पर ही अतिरिक्त राशि का भुगतान भी होगा।

इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) समेत कोल इंडिया लिमिटेड की अन्य आनुषांगिक कंपनी में कार्यरत कर्मियों के वेतन से कुछ हिस्सा प्राविडेंट फंड के रूप में सीएमपीएफ में जमा किया जाता है। कोल इंडिया द्वारा प्रत्येक टन पर राशि पेंशन फंड के लिए दी जाती है। इस राशि से ही सेवानिवृति के बाद कर्मियों को पेंशन का भुगतान होता है।

ज्ञातव्य हो कि पहले इस राशि में सीएमपीएफ द्वारा आठ फीसद की दर से ब्याज दिया जा रहा था।श्रमिक  संघ की ब्याज दर बढ़ाने की चिरलंबीत मांग थी। सीएमपीएफ बोर्ड की बैठक में ब्याज दर बढ़ाने का निर्णय लिया गया था और वर्ष 2018-19 में पीएफ में ब्याज दर 8.6 फीसद कर दिया गया था। लेकिन 2019-20 और 2020-21 के लिए ब्याज दर 8.5 फीसदी निर्धारित की गई कोल इंडिया के अवर सचिव बिजय सामंत ने सीएमपीएफ ब्याज दर मंजूरी से संबंधित पत्र सीएमपीएफ आयुक्त को जारी कर दिया है।

सीएमपीएफ ट्रस्टी बोर्ड के   सदस्य राकेश कुमार ने इस पर कोल इंडिया के कर्मियों को बधाई दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *