मनरेगा में 90 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित करने की पहल, गांवों में आएगा सामाजिक बदलाव

मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी. (फाइल तस्वीर)
मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी. (फाइल तस्वीर)

रांची । मनरेगा के तहत योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक से अधिक महिला कर्मचारियों को शामिल करने के प्रयास में राज्य सरकार महिला श्रमिकों को कार्यस्थलों पर महिला साथी के रूप में काम करने के लिए प्रशिक्षित कर रही है। मनरेगा के तहत प्रशिक्षण और नियोजन पुल में 50 प्रतिशत महिलाओं को शामिल करने का निर्देश दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य भर में 88 हजार 939 से अधिक महिलाओं का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है।

अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति समूह के सदस्यों को प्राथमिकता

अनुसार प्रशिक्षण के लिए चुने जाने वाली प्रत्येक महिला को प्रखंड स्तर पर नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा । प्रशिक्षण के लिए महिलाओं का चयन ग्राम सभा की सहायता से किया जाता है। चयन में महिला स्वयं सहायता समूहों की सातवीं कक्षा तक पढ़ाई करने वाली सदस्यों को प्राथमिकता दी जाती है। इस कार्यक्रम में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति समूहों के सदस्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

महिलाओं के अनुकूल कार्य वातावरण बनाना

झारखण्ड में मनरेगा कार्यबल में बड़ी संख्या में झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं शामिल हैं। ये महिलाएं कार्यस्थल पर अपने अधिकारों के बारे में कम जागरूक हैं और बोलने में झिझकती हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रत्येक मजदूर के अधिकारों की रक्षा की जाती है । महिलाओं को कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाओं के बारे में प्रशिक्षित किया गया है

“माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मनरेगा में महिला कार्यबल की भागीदारी को अधिकतम करने और उन्हें अकुशल से अर्ध-कुशल बनाने पर काम कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य मनरेगा कार्यस्थलों पर महिलाओं के अनुकूल कार्य वातावरण बनाना और लोगों को श्रम अधिकार के बारे में जागरूक करना है। इसे देखते हुए, हम वांछित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं।”

श्रीमती राजेश्वरी बी, आयुक्त मनरेगा।

 

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