छ्ठी जेपीएससी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, जो अभ्यर्थी संशोधित रिजल्ट से बाहर हुए, उन्हें नौकरी दी जा सकती है या नहीं ?

मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को
मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को

रांची: छठी जेपीएससी मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. शीर्ष अदालत में न्यायाधीश जस्टिस अजय रस्तोगी और वेला त्रिवेदी की बेंच में सुनवाई हुई. अदालत ने प्रार्थी वरुण कुमार व फैजान सरवर की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से पूछा कि संशोधित रिज़ल्ट के कारण जो अभ्यर्थी बाहर हो रहे हैं उन्हें सम्मिलित किया जा सकता है या नहीं. अब इस मामले में अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 27 अप्रैल को होगी.

अगली सुनवाई 27 अप्रैल को

विदित हो कि पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने जेपीएससी और झारखंड सरकार से उनका पक्ष जानने के लिए अगली तिथि में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया था. तब तक यथास्थिति बरकरार रखने को कहा था. प्रार्थी एवं कैविएटदारों (caveator)  की तरफ से पक्ष रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता प्रशांत भूषण, पी पटवालिया, कपिल सिब्बल, वी.मोहना, विज्ञान शाह, शुभाशिष रसिक सोरेन,चिश्ती जैन आदि उपस्थित थे. इसके साथ ही कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 27 अप्रैल को दोपहर 2 बजे निर्धारित की है.झारखंड हाईकोर्ट ने छठी जेपीएससी के रिजल्ट को खारिज कर दिया था ।

झारखंड हाईकोर्ट के डबल बेंच ने 23 फरवरी 2022 को छठी जेपीएससी की सभी नियुक्ति रद्द कर नई मेरिट लिस्ट जारी करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा था,जिसके बाद 326 सफल अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, जेपीएससी द्वारा 326 लोगों की नियुक्ति कर दी गई थी जिसके बाद ये लोग राज्य के विभिन्न जिलों में अपनी सेवा दे रहे हैं.

डबल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डॉ. रविरंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की डबल बैंच ने एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखते हुए छठी जेपीएससी के रिजल्ट को खारिज कर दिया था। अदालत ने एलपीए 204 और 207 की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया था। जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने 7 जून 2021 को छठी जेपीएससी की नई मेरिट लिस्ट जारी करने का फैसला दिया था.

मेरिट लिस्ट में हुई थी अनियमितताएं

इसे लेकर कोर्ट ने कहा था कि जेपीएससी की तरफ से 6 विषय की 1050 अंकों की मेंस परीक्षा ली गई थी. इसमें से सामान्य अंग्रेजी और सामान्य हिंदी  के 100 अंक के पेपर में 30 नंबर लाना जरूरी था लेकिन आयोग की तरफ से मेरिट लिस्ट तैयार करने में नम्बर जोड़ दिया गया था.और इसके अलावे सभी विषयों में पास होना अनिवार्य था।इसको लेकर हाईकोर्ट की एकल पीठ में याचिका दायर की गई थी जहां कोर्ट ने सभी नियुक्ति रद्द करते हुए नई मेरिट लिस्ट जारी करने का आदेश दिया था. इसको लेकर सफल अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय की डबल बेंच में अपील दायर की, जिस पर कोर्ट ने फैसला सुनाया था.

विदित हो कि कि 11 मार्च, शुक्रवार देर शाम जेपीएससी ने नई मेरिट लिस्ट जारी कर दिया।इसकी जानकारी जेपीएससी अभ्यर्थी अनिल पन्ना और राज कुमार मिंज ने दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.