ईडी को हर संभव सहयोग को हूँ तैयार – डीएमओ विभूति

दुमका से लेकर साहिबगंज तक प्रदूषण बोर्ड है सजग: विभूति कुमार
दुमका से लेकर साहिबगंज तक प्रदूषण बोर्ड है सजग: विभूति कुमार

नीरज कुमार जैन/ब्यूरो

रांची।  जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) विभूति कुमार ने कहा कि वे प्रवर्तन निदेशालय को हर संभव सहयोग करने को तत्पर हैं। ईडी की तरफ से निलंबित आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल और साहिबगंज डीएमओ को आमने-सामने बैठा कर पूछताछ किया जाना था। जिसे लेकर उन्हें 16 मई को ईडी ने पहला समन भेजा था। डीएमओ विभूति कुमार ने घर में वैवाहिक कार्यक्रम को लेकर 20 मई तक ईडी दफ्तर नहीं पहुंच पाने के लिए प्रार्थना पत्र प्रेषित किया था। उन्होंने बताया उसके बाद से ईडी का कोई समन नहीं मिला है । फलतः साहबिगंज कार्यालय पहुंच कार्य संभाल रहा हूँ।

उन्होंने बताया की ईडी उन्हें जब भी काँल करेगी वे उन्हें हर संभव सहयोग को तत्पर है। उन्होंने साफतौर पर कहा की न ही अब तक दुसरा समन मिला है और न ही उन्होंने 15 दिनों के लिए प्रार्थना पत्र ही दिया है। ईडी जिस दिन काँल करेगी वह ईडी के कार्यालय पहुंच अपना पक्ष रखेंगे तथा जांच में हर संभव मदद करेंगे।

उन्होंने बताया जहां तक अवैध पत्थर खनन का मामला है। साहिबगंज में 408 स्टोन माइंस को पुनरीक्षित करने का आग्रह दो बार राज्य सरकार से किया गया है। 31 मार्च 2022 को 18 स्टोन माइंस रद्द किए गए है, क्योंकि समय पर उनकी निलामी नहीं हो सकी। फिलहाल 125 माइंस संचालित हैं, जिससे नियमित रूप से खनन राजस्व की प्राप्ति हो रही है।

मुख्यमंत्री की बैठक के बाद जिला स्तरीय खनन टाँस्क फोर्स की बैठक भी हुई है

डीएमओ विभूति कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा अवैध खनन रोकने से संबंधित बैठक के बाद शनिवार को साहेबगंज में भी जिले के उपायुक्त और एसपी की अध्यक्षता में गठित जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में अवैध माइनिंग और परिवहन पर रोक लगाने और ऐहतियाती कदम उठाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि जिला में कई बार अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

उन्होंने दीवान एंड कंपनी के संबंध को बेबुनियाद व अफवाह बताया। और पर्यावरण व प्रदूषण के संबंध मे बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन होने की बात डीएमओ विभूति ने कही। उन्होंने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से पर्यावरण व प्रदूषण के मद्देनजर सजग है और समय समय पर स्टोन माइंस का निरक्षण भी करते है। दो सप्ताह पूर्व एससीएसबी, सीएससीबी की संयुक्त टीम द्वारा खदान, क्रशर यूनिट, प्रोसेसिंग यूनिट और अन्य से हो रहे प्रदूषण की जांच करने की जानकारी दी। और उक्त रिपोर्ट एनजीटी को प्रेषित करने की बात कही।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की तरफ से 30 से अधिक खदानों और कई क्रशर यूनिट में पीएम10 मशीनें लगाने की जानकारी भी दी। डीएमओ ने बताया एक-एक क्रशर में 20-25 पीएम-10 मशीनें लगायी गयीं। पर्यावरण प्रदूषण पर जिला खनन कार्यालय की ओर से कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाता। लेकिन साहिबगंज से लेकर दुमका तक स्टोन क्रशरों से हो रहे प्रदूषण पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सज है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.