
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कुछ ऐसा कहा है जिससे कुछ बदलेगा तो नहीं लेकिन इसपर बयानबाज़ी खूब होगी और लोग चटखारे लेकर इसपर चर्चा जरूर करेंगे।
राजधानी रांची में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर पत्रकारो के सवाल पर जवाब देते हुए रघुवर दास ने कहा कि हेमंत सोरेन अक्षम मुख्यमंत्री हैं, उन्हें ब्यूरोक्रेसी अपने इशारों पर नचा रही है । हेमंत सोरेन को पार्टी के ही किसी अनुभवी नेता को मुख्यमंत्री की कमान सौंप देनी चाहिए ।
रघुवर दास ने कहा कि झामुमो के अंदर ही लोबिन हेम्ब्रम, नलीन सोरेन, स्टीफन मरांडी जैसे कई अनुभवी और सम्मानित नेता मौजूद हैं । लेकिन अगर फिर भी झामुमो को लगता है कि कोई सोरेन परिवार का व्यक्ति ही मुख्यमंत्री बन सकता है तो युवा तुर्क बसंत सोरेन को एक मौौका देकर देखना चाहिए ।
रघुवर दास ने कहा कि खुद को आदिवासियों की पार्टी कहने वाली झामुमो के राज में आदिवासियों पर अत्याचार की कोई सीमा नहीं रही । लगभग हर रोज कभी आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार तो कभी आदिवासियों की हत्या। रूपा तिर्की प्रकरण से साफ है कि किस तरह हेमंत सोरेन ने अपने सहयोगी पंकज मिश्रा को बचाने के लिए एक होनहार आदिवासी बेटी की गरिमा के साथ समझौता किया।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि हेमंत सोरेन से कानून व्यवस्था नहीं संभल रही । जज हो, वकील हो, नेता हो, व्यापारी हो… किसी की भी हत्या आम हो गई है ।
रघुवर दास ने यह भी कहा कि खनिजों के लूट के अलावा इस सरकार की कोई और बड़ी उपलब्धि हो तो बताएं ? इन लोगों ने रोजगार तो दिया नहीं उल्टा रोजगार देने के नाम पर अलग-अलग भाषा-भाषियों के बीच झगड़ा करवाने की कोशिश जरूर की ।
बाहरी-भीतरी, तुष्टीकरण, भाषाओं के बीच विवाद खड़ा करना, आदिवासी- ग़ैर आदिवासी के बीच झगड़ा लगाकर ये लोग कोयला, बालू, पत्थर, लौह अयस्क लूटने का काम कर रहे हैं।