हेमंत-बसंत सोरेन खनन पट्टा मामलाः मुख्य सचिव ने केन्द्रीय चुनाव आयोग को भेजी रिपोर्ट

अब हेमंत और बसंत सोरेन का पक्ष सुनेगा चुनाव आयोग
अब हेमंत और बसंत सोरेन का पक्ष सुनेगा चुनाव आयोग

अब आगे क्या होगा ?

  1. चुनाव आयोग हेमंत और बसंत सोरेन का पक्ष सुनेगा
  2. चुनाव आयोग तय करेगा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9 ए का उल्लंघन हुआ या नहीं
  3. केन्द्रीय चुनाव आयोग तय करेगा कि दस्तावेज विधानसभा से उनकी सदस्यता समाप्त करने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं 
  4. चुनाव आयोग का निर्णय ही अंतिम होगा
  5. आयोग अपने फैसले की जानकारी राज्यपाल को देगा

 

रांची । झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने अनगड़ा पत्थर खदान मामले पर अपनी रिपोर्ट केन्द्रीय चुनाव आयोग को भेज दी है। मुख्य सचिव की इस रिपोर्ट में 2008 से अबतक किन प्रक्रियाओं का पालन किया गया, इसकी बिंदुवार विवेचना भेजी गई है । इसके अलावा दुमका विधायक बसंत सोरेन से जुड़े खनन मामलों पर भी रिपोर्ट केन्द्रीय चुनाव आयोग को भेज दी गई है। दिल्ली चुनाव आयोग के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है ।

रिपोर्ट के साथ मामले से जुड़े दस्तावेज भी भेजे गए

रघुवर दास द्वारा राज्यपाल को की गयी शिकायत के आलोक में चुनाव आयोग ने इस मुद्दे से जुड़े तमाम दस्तावेज सरकार से मांगे थे । सरकार के स्तर से चुनाव आयोग को लीज प्रकरण से जुड़े दस्तावेज की सर्टिफाइड कॉपी भेजी गयी है । आयोग ने राज्य सरकार को 15 दिनों का समय दिया था । तीन मई तक राज्य सरकार को दस्तावेज भेजने थे । लेकिन उससे पहले ही मुख्य सचिव ने चुनाव आयोग को अपना जवाब भेज दिया है ।

अब हेमंत सोरेन का पक्ष सुनेगा आयोग

आयोग हेमंत सोरेन को उन पर लगे आरोपों के मद्देनजर जवाब देने का निर्देश देगा । उनका पक्ष सुनने के बाद चुनाव आयोग इस बात का फैसला करेगा कि उन पर लगे आरोप लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9 ए के आलोक में विधानसभा से उनकी सदस्यता समाप्त करने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं । इस मुद्दे पर चुनाव आयोग का निर्णय ही अंतिम होगा । इसके बाद आयोग अपने फैसले की जानकारी राज्यपाल को देगा । उल्लेखनीय है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अयोग्य घोषित (विधानसभा की सदस्यता समाप्त) करने की मांग करते हुए राज्यपाल को शिकायती पत्र सौंपा था ।

बसंत सोरेन से जुड़े दस्तावेज भी चुनाव आयोग को भेजा गया

रघुवर दास ने राज्यपाल को सौंपे अपने शिकायती पत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भाई और दुमका के विधायक बसंत सोरेन से जुड़े खनन मामलों के भी दस्तावेजों की मांग की थी। मुख्य सचिव ने बसंत सोरेन से जुड़े सारे दस्तावेज भी केन्द्रीय चुनाव आयोग को भेज दिया है।

सीएम ने कुछ नहीं छुपाया : झामुमो

झामुमो के केंद्रीय सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा ने सीएम पर पीपुल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट की धारा 9 ए के उल्लघंन का आरोप लगाया है । इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि यह उसी पर लागू होगा, जो बिजनेस कर रहा होगा और उसी सरकार से बिजनेस प्राप्त किया होगा । वर्ष 2008 में खनन का लीज हुआ था, लेकिन अभी तक कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) नहीं हुआ है । हेमंत सोरेन की ओर से विस चुनाव के शपथ पत्र में इसका उल्लेख किया गया है । कुछ छिपाया नहीं गया है ।

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