शेल कंपनी और खनन लीज मामले में हुई SC में सुनवाई

रांची: सुप्रीम कोर्ट में झारखंड सरकार की ओर से दाखिल एसएलपी पर सुनवाई की. इस मामले की सुवनाई जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस भट्ट और जस्टिस धूलिया ने की अदालत में हुई. सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा. पक्ष रखते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को पक्षकार बनाया जाना चाहिए था. उन्होंने इस मामले को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया और मामले को रद्द करवाने की मांग की. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट से याचिका की मेंटेनिबिलिटी पर फैसला लेने को कहेंगे, हम इसमें अपनी कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.

वहीं ईडी के अधिवक्ता तुषार मेहता ने कहा कि ED  विशेष अपराध की जांच कर रहा है और हमें दूसरे अपराध से संबंधित सामग्री मिलती है. ED ने अब तक की जांच में पाया कि इस मामले में उच्च रैंक के अधिकारी शामिल हैं जिसे अदालत के सामने रख सकते हैं.

आपको बता बता दें कि 20 मई को SLP पर जल्द सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया गया था. जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था. सुनवाई के लिए आज यानी 24 मई की तारीख निर्धारित की थी. जानकारी के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट में इसी तरह के एक मामले में सुनवाई हुई है. हेमंत सोरेन को पत्थर खनन लीज आवंटन और करीबियों के शेल कंपनी में निवेश मामले में झारखंड हाई कोर्ट में दायर PIL के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका दाखिल की गई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.