कोरोना के दौरान झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर वित्तीय अनियमितता का आरोप

भ्रष्टाचार करने से पूर्व सारे नियमों से वाकिफ थे स्वास्थ्य मंत्री- सरयू राय
भ्रष्टाचार करने से पूर्व सारे नियमों से वाकिफ थे स्वास्थ्य मंत्री- सरयू राय

जमशेदपुर । जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर कोरोना काल के दौरान बड़े पैमाने पर पैसों के बंदरबांट का आरोप लगाया है। सरयू राय का आरोप है कि कोरोना के दौरान बन्ना गुप्ता ने न सिर्फ सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया बल्कि कोरोना वारियर्स को मिलने वाले पैसे को भी अपने नाम करवा लिया।

क्या है पूरा मामला ?

मामला वित्तीय वर्ष 2021/22 के अंत में स्वस्थ मंत्री बनना गुप्ता के अवैध आदेश से राजकोष से कोविड महामारी के बहाने करोड़ों रुपए की राशि निकासी का है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सरयू राय ने बताया कि झारखंड सरकार कोविड अस्पताल/कोविड वार्ड में कार्यरत, कार्यालय तथा कंट्रोल रूम में कोविड से संबंधित कार्यों हेतु प्रतिनियुक्त चिकित्सा कर्मियों तथा चिकित्सकों को एक माह के मूल वेतन/मानदेय के समतुल्य प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की जानी थी।।प्रोत्साहन राशि पाने के योग्य नियमित एवं संविदा कर्मी विभाग द्वारा चिन्हित किये जाने थे।
संकल्प की कंडिका 4 में प्रोत्साहन राशि पाने के योग्य कर्मियों के बारे में स्पष्ट उल्लेख किया हुआ है। इसमें यह उल्लेख भी है कि “वैसे चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी एवं स्वास्थ्य विभागीय अन्य कर्मी, जिनके द्वारा कोविड-19 में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया गया है, उन्हें यह प्रोत्साहन राशि अनुमानित नहीं होगा।

बन्ना गुप्ता ने अपने और अपने लोगों के नाम करवा लिया पैसा- सरयू राय

स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस बारे में गठित समिति ने पात्रता श्रेणी में आनेवाले 94 स्वास्थ्य कर्मियों की सूची तैयार की जो प्रोत्साहन राशि पाने के योग्य थे, परंतु स्वास्थ्य मंत्री के कोषांग से 60 अतिरिक्त नामों की सूची विभाग को भेजी गई। इस सूची में मंत्री का नाम सबसे उपर अंकित है। इस सूची में स्वास्थ्य मंत्री के दो आप्त सचिवों, निजी सहायकों, चर्या लिपिकों, कम्प्यूटर ऑपरेटरों, सहायकों, आदेश पालकों, 8 वाहन चालकों, 4 सफ़ाई कर्मियों और मंत्री की सुरक्षा में नियुक्त/प्रतिनियुक्त कुल 34 अंगरक्षकों एवं अन्य पुलिसकर्मियों का नाम भी प्रोत्साहन राशि पाने वालों में शामिल है।

सारे नियमों से वाकिफ थे मंत्री- सरयू राय

सरयू राय ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि विभागीय अधिकारियों ने संबंधित संचिका के पृष्ठ 29 और 30 पर अंकित टिप्पणी में इस बारे में नियमों से मंत्री को अवगत करा दिया था। लेकिन जब स्वास्थ्य मंत्री के पास संचिका गई तो उन्होंने इसमें एक और नाम जोड़ने का आदेश दिया।   झारखंड विधानसभा के एक टंकक, जिसकी प्रतिनियुक्ति उनके गोपनीय शाखा में है, का नाम भी प्रोत्साहन राशि पाने वालों की सूची में जोड़ दिया जाय। सरयू राय का आरोप है कि स्वास्थ्य मंत्री के अनधिकृत दबाव में विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष के अंत में सूची में शामिल मंत्री सहित कुल 60 को प्रोत्साहन राशि का अवैध और अनधिकृत भुगतान हुआ मंत्री ने स्वयं संबंधित संचिका के पृष्ठ 40 पर दिनांक 7.3.2022 को इसपर हस्ताक्षर किया है।

Letter no. 80 dt. 13.4.22

Leave a Reply

Your email address will not be published.