विधानसभा और हाईकोर्ट भवन निर्माण में कथित अनियमितता की जांच करवाने के लिए न्यायिक आयोग गठन करवाने के आदेश

रांची: झारखंड सरकार के नए विधानसभा भवन निर्माण और निर्माणधीन उच्च न्यायालय निर्माण में हुए अनियमितता की जांच के लिए झारखंड सरकार ने न्यायिक आयोग से करवाने का आदेश दिया है. इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिछले वर्ष 2 जुलाई को झारखंड विधानसभा के नए भवन और झारखंड हाईकोर्ट के नए भवन के निर्माण के दौरान बरती गई वित्तीय अनियमितता की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से कराने का निर्देश दिया था. रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में बनी ये दोनों ही भवन टेंडर प्रक्रिया के दौरान से ही चर्चा में रही है. झारखंड विधानसभा के निर्माण के बाद आग लगने की घटना, सीलिंग गिरने का मामला या प्राक्कलन राशि में बढोत्तरी का मुद्दा राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा में रहा है.

झारखंड विधानसभा के नए भवन की निर्माण लागत शुरुआत में 465 करोड़ से घटाकर 323.03 करोड़ कर दिया गया था. बाद में वास्तुदोष का हवाला देते हुए क्षेत्रफल बदलकर फिर से रामकृपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी को ही ये काम दे दिया गया. इस तरह कुल निर्माण राशि 136 करोड़ रुपये बढ़ गई. करोड़ों खर्च करने के बाद भी इसकी मजबूती और घटिया निर्माण को लेकर कई बार सवाल खड़े किए जा चुके है.

इसी तरह झारखंड हाई कोर्ट के नए भवन निर्माण में भी शुरुआती प्राक्कलन राशि 265 करोड़ रुपये थी. लेकिन जैसे- जैसे काम बढ़ता गया राशि भी बढ़ती चली गई. हाईकोर्ट के इस नए भवन निर्माण में 697 करोड़ रुपये खर्च हो गए. भवन निर्माण में राशि बढोत्तरी के लिये अनुमति भी नहीं ली गई.

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