कोयला संकट: रेलवे ने 657 रद्द की पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेने

 जनता ने कारण नहीअं, समाधान करने के लिए हमें चुनकर भेजा है- मोदी
जनता ने कारण नही, समाधान करने के लिए हमें चुनकर भेजा है- मोदी

नई दिल्ली । देश मे कोयला संकट को लेकर केन्द्र सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही है । केन्द्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने झारखंड का दौरा किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सखनिर्देश था कि चाहे कुछ भी हो देश के लोगों को बिजली संकट से मुक्ति चाहिए।  इसके लिए चाहे जो करना हो करे।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके लिए तमाम मंत्रालय को आपस में समन्वय बनाकर काम करने को कहा था।

इमर्जेंसी सिचुएशन है, युद्धस्तर पर काम करे- पीएम 

प्रधानमंत्री मोदी देर भर में बिजली संकट को लेकर नाराज दिखे । उन्होने कहा कि पहले ही इस बात का अनुमान लगाना चाहिए था। इसमें राजनीति के लिए कोई जगह नही है । पीएम के सख्त निर्देश को देखते हुए रेलवे ने 657 मेल/एक्सप्रेस/ पैसेंजर ट्रेने रद्द कर दिए हैं।  अब इनकी जगह कोयला लदी मालगाड़ी चलेगी । इतना ही नहीअं, 534 कोल रैक को अलग-अलग राज्यों में रवाना भी कर दिया गया है । इनके अलावा 427 कोल रेक को लोड कर इमर्जेंसी सिचुएशन के लिए रखा गया है, ताकि किसी भी राज्य के लोगों को बिजली संकट का सामना न करना पड़ । प्रधानमंत्री और केन्द्रीय कोयला मंत्री के सख्त रुख के बाद 1.62 मिलियन टन कोयला सिर्फ पावर सेक्टर के लिए रिजर्व रखा गया है ।

लोग बहाने नहीं सुनना चाहते, उनको अपनी समस्या का हल चाहिए: पीएम 

सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिजली संकट पर लोग बहाने नही सुनना चाहते, उन्हे बस बिजली संकट से निजात चाहिए।  पीएम मोदी ने अधिकारियो से दो टूक लहजे में कहा कि अगले तीन दिनों के अंदर देश को बिजली संकट से निजात मिलना चाहिए।  इसके लिए जो करना हो करे ।  सूत्रों की माने तो पीएम ने कहा कि लोगों ने हमे सेवा करने के लिए भेजा है, संकट का कारण बताने के लिए नही।

Government has decided to cancel 657 Mail/Exp/Passenger train services to ensure priority routes for coal wagons and faster turnaround. A total of 533 coal rakes put on duty. For the power sector, 427 rakes loaded yesterday. 1.62 million tonnes loaded for power sector.

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