युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से लौटे गिरिडीह के तीन बच्चे


गिरिडीह । युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से गिरिडीह के तीन बच्चे सही-सलामत वतन वापस हुए है। तीनो यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। पचंबा के सेवानिवृत्त शिक्षक प्रकाश नाथ मित्रा के पुत्र लक्की मित्रा, बोड़ो के रजनीशकांत एवं बरगंडा के सुनील कुमार सिन्हा की बेटी अमिशा कश्यप सकुशल घर लौटे है। पचंबा के लक्की मित्रा हंगरी से विमान से दिल्ली व यहां से रांची शुक्रवार को पहुंचे। शुक्रवार देर रात को लक्की अपने घर पचंबा पहुंचे। जबकि इनके साथ बोड़ो का युवक रजनीशकांत भी दिल्ली आया। लक्की दिल्ली से गिरिडीह आ गए जबकि रजनीशकांत अपने मामा के घर दिल्ली में ही रुक गए है।

वहीं बरगंडा की अमिषा युद्ध से पहले 20 फरवरी को ही गिरिडीह पहुंच गई। इंडियन एम्बेसी से संदेश मिलने के बाद वह 19 फरवरी यूक्रेन से चली व 20 फरवरी को अपने घर गिरिडीह आ गयी। अमिषा यूक्रेन के कीव में दो वर्ष से रह रही थी। वह एमबीबीएस के दूसरे वर्ष अध्ययनरत है। वहीं पचंबा का लक्की खारकीव के वीएन कॉलेज नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। लक्की भी दूसरे वर्ष में है और डेढ़ साल से यूक्रेन में रह रहा था।

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा ने यूक्रेन से लौटे छात्रों से की मुलाकात
केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री सह सांसद अन्नपूर्णा देवी ने शनिवार को गिरिडीह की अमीषा कश्यप और पंचम्बा के लक्की मित्रा दोनों के परिजनों से जाकर मुलाकात की। इस दौरान अमीषा एवं लक्की दोनों के परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुक्तकंठ से प्रशंसा की व आभार जताया। साथ में जमुआ विधायक श्री केदार हजरा, जिलाध्यक्ष महादेव दुबे, सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, जिला महामंत्री सुभाष चन्द्र सिन्हा, सजंय सिंह आदि भाजपाई मौजूद थे।

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