गिरिडीह: पचम्बा बस डिपो मामले में लोहा सिंह गिरफ्तार, चुन्नुकान्त की अगुवाई में वकीलों ने किया गिरफ्तारी का विरोध

सुरेश गुप्ता उर्फ लोहा सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और अधिवक्ता संघ आमने-सामने
सुरेश गुप्ता उर्फ लोहा सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और अधिवक्ता संघ आमने-सामने

गिरिडीह: क्या सुरेश गुप्ता उर्फ लोहा सिंह की गिरफ्तारी झामुमो विधायक सुदिव्य सोनू के इशारे पर हुई है ? क्या सुरेश गुप्ता उर्फ लोहा सिंह राजनीति विद्वेष के कारण गिरफ्तार किए गए?  क्या झामुमो विधायक के इशारे पर काम कर रही है गिरिडीह पुलिस?  ये सवाल इसलिए क्योंकि पचम्बा बस डिपो मामले पर सुरेश गुप्ता की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस विभाग खुद सवालो के घेरे में है ।

क्या है पूरा मामला ?

गिरिडीह जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र के हाई प्रोफाइल मामला बस डिपो के जमीन मामले में जमीन कारोबारी सुरेश साव उर्फ लोहा सिंह को पुलिस हिरासत में ले लिया है। प्रशासनिक स्तर पर कोई भी पदाधिकारी और पुलिस अधिकारी सुरेश उर्फ लोहा सिंह की गिरफ्तारी को लेकर कुछ भी बताने से कतराते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को आखिर सुरेश साव उर्फ लोहा सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया । सूत्रों से पता चला है कि गिरिडीह अनुमंडल दंडाधिकारी के न्यायलय मे एक मामले में सुरेश साव के खिलाफ 107 भ.द.वि. का एक मामला दर्ज था। उसी मामले को लेकर उसकी गिरफ्तारी हुई है ।

चुन्नुकान्त की अगुवाई में वकीलो और पुलिस में बकझक

गिरिडीह अधिवक्ता संघ के महासचिव सह भाजपा नेता चुन्नू कान्त के अगुवाई में वकीलों की एक टोली गिरफ्तारी को रोकने के लिए पुलिस से बहस करने लगी। पचम्बा पुलिस पर बढ़ते दबाव को देखते हुए नगर थाना पुलिस को भी बुला लिया गया । फिर न वकीलों के टोली की कोई दलील काम आयी न ही नेताओं की कोई बात बनी । देखते ही देखते एसडीओ कोर्ट के बाहर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया । लोहा सिंह को पुलिस वैन में बैठा लिया गया। इसके बाद लोहा सिंह को पुलिस पंचबा थाना ले आई।

झामुमो विधायक सुदिव्य सोनू के इशारे पर परेशान कर रही है पुलिस: भाजपा 

प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साव ने बताया कि सत्ताधारी के संरक्षण में प्रशासन साजिश कर सुरेश साव उर्फ लोहा सिंह को हिरासत में ले लिया है। गिरिडीह जिले के हाई प्रोफाईल पचम्बा बस डिपो मामले में सुरेश साव उर्फ लोहा सिंह ने कई बार घोटाले और कमीशनखोरी का खुलासा किया है । आरोप है कि इस घोटाले और कमीशनखोरी में झामुमो विधायक सुदिव्य सोनू की भी भूमिका है ।भाजपा का आरोप है कि खुद का नाम फंसते देख झामुमो विधायक सुदिव्य सोनू ने एक पुराने मामले में सुरेश गुप्ता उर्फ लोहा सिंह को गिरफ्तार करवा दिया, ताकि वो और खुलासे न कर सके।

जब मामला हाईकोर्ट और सिविल जज गिरिडीह की अदालत में है तो पुलिस क्यों कर रही परेशान 

भाजपा नेता सह गिरिडीह जिला बार काउंसिल के अध्यक्ष चुन्नुकान्त कहते हैं कि जिस मामले में सुरेश गुप्ता की गिरफ्तारी हुई वो मामला उच्च न्यायालय रांची झारखंड एवं सिविल जज गिरिडीह में लंबित है। लेकिन असल मुद्दा ये है कि क्या जिले की पुलिस विधायक के आदेश पर काम करेगी या फिर कानून के अनुसार?  झामुमो विधायक ने किस भय से सुरेश गुप्ता को गिरफ्तार करवाया है, उसकी जांच होनी चाहिए। भाजपा नेताओ ने धमकी देते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तनशील है । न्यायलय के निर्णय के आने के बाद बुलडोजर चला दिया जाएगा। जिला प्रशासन निष्पक्ष होकर काम करे। मामला उच्च न्यायालय रांची झारखंड एवं सिविल जज गिरिडीह में लंबित है। पुलिस को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए।

सुरेश गुप्ता हार्ट के मरीज, उन्हे  कुछ हुआ तो पचम्बा पुलिस जिम्मेदार होगी : पुत्र 

पचम्बा पुलिस ने सुरेश साव उर्फ लोहा सिंह को गिरफ्तार कर एसडीओ कोर्ट में प्रस्तुत किया । सुरेश साव का एक पुत्र जो बीएसएफ में कार्यरत हैं वह अपने पिता की गिरफ्तारी रोकने के लिए काफी देर तक पचम्बा पुलिस से आरजू मिन्नती करते रहे। अपने पिता के हार्ट पेशेंट होने का दुहाई देते रहे लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी। बाद में उन्होंने मीडिया को बताया कि पिता हार्ट पेशेंट हैं।  पचम्बा पुलिस उनपर अनुचित दबाव डाल रही है । अगर उन्हे कुछ हुआ तो इसकी पूरी जवाबदेही पुलिस की होगी ।

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