Sunday 1st of March 2026 10:19:05 PM
Homefilmsठमा से स्त्री तक: क्यों बॉलीवुड बार-बार अलौकिक प्रेम कहानियों में पड़...

ठमा से स्त्री तक: क्यों बॉलीवुड बार-बार अलौकिक प्रेम कहानियों में पड़ जाता है

 

हैदराबाद: मड्डॉक फिल्म्स की नई हॉरर-कॉमेडी ठमा का टीज़र आखिरकार आ गया है। आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना स्टारर यह फिल्म “ब्लडी लव स्टोरी” का वादा करती है — एक इंसान और वैम्पायर के बीच की अनोखी प्रेम गाथा। टीज़र से साफ होता है कि कहानी दो युगों को जोड़ती है: विजयनगर साम्राज्य का इतिहास और आधुनिक भारत की पृष्ठभूमि।

टीज़र में आयुष्मान एक इतिहासकार बने हैं, जो भारतीय संस्कृति से जुड़े वैम्पायर के रहस्य को उजागर करने की कोशिश करते हैं। संवाद “रह पाओगी मेरे बिना, 100 साल तक?” और रश्मिका का जवाब “100 साल क्या, एक पल के लिए भी नहीं”—कहानी को और भी गहराई देता है।

बॉलीवुड में अलौकिक प्रेम कहानियों का यह नया प्रयास बिल्कुल अनूठा तो है, लेकिन इससे पहले भी हिंदी सिनेमा ने कई बार भूत, आत्मा और रहस्यमयी किरदारों के साथ रोमांस को पिरोया है।

  • स्त्री (2018) और स्त्री 2 (2024): मड्डॉक यूनिवर्स की ही ये फ़िल्में हॉरर और कॉमेडी को मिलाकर दर्शकों को डर और रोमांस का अलग स्वाद देती हैं। एक रहस्यमयी स्त्री और आम लड़के विक्की (राजकुमार राव) के बीच अजीब-सा बंधन देखने को मिला।

  • तलाश (2012): आमिर खान अभिनीत यह फिल्म एक सुपरनैचुरल थ्रिलर थी। एक शोकग्रस्त पुलिस अफसर, रहस्यमयी केस और मृत बेटे से जुड़ी आत्मा—यहां प्रेम मौत के पार भी जारी रहता है।

  • एक थी डायन (2013): इमरान हाशमी की इस फिल्म में जादू और डायन के किस्से जुड़े। बचपन की त्रासदी और शक से भरी प्रेमकथा डर और अपराधबोध का संगम थी।

  • 1920 (2008): विक्रम भट्ट की यह फिल्म एक विवाहित जोड़े पर केंद्रित थी, जहां पत्नी पर आत्मा का कब्जा हो जाता है और पति अपने प्यार को बचाने के लिए लड़ता है।

इन फिल्मों से साफ है कि ठमा इस परंपरा को एक नया मोड़ देने जा रही है। वैम्पायर रोमांस, ऐतिहासिक परत और कॉमेडी का तड़का—यह मिश्रण बॉलीवुड के लिए बिल्कुल ताज़ा और दर्शकों के लिए रोमांचक साबित हो सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments