कोयले की ढुलाई से हुई फसल बर्बादी के विरोध में ग्रामीणों ने 24 घंटे से कोयला ढुलाई किया ठप

मुआवजे की मांग पर धरने पर अडे है ग्रामीण
मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर अडे हैं ग्रामीण

कार्तिक कुमार, पाकुड़
पाकुड़। पचुवारा नॉर्थ कोल ब्लॉक से बीजीआर कंपनी द्वारा कोयला ढुलाई डस्ट से हुई फसल की बर्बादी के विरोध में ग्रामीणों ने 24 घंटे से कोयला ढुलाई ठप कर रखा है। प्रभावित ग्रामीण कोयले की डस्ट से हुई फसल बर्बादी की मुआवजा देने की मांग लेकर प्रबंधन के विरोध में 24 घंटे से सरक पर जमे है।

समाहरणालय से महज एक किमी की दूरी पर कोलाजोरा गांव में ग्रामीणों ने मंगलवार से कोयले की ढुलाई बंद करा दिया है। स्थानीय ग्रामीण अल्फ्रेड सोरेन के अगुवाई में ग्रामीण सरक जाम कर मुवाबजे की मांग पर डटे है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 50 एकड़ जमीन पर लगी धान की फसल कोयले की ढुलाई के दौरान डस्ट से फसल की बर्बादी हुई है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस बात की शिकायत डीसी से लिखित रूप में देकर मुआवजे की मांग की गई है, बावजूद कोई कारवाई नही होने पर मजबूरन हमलोगों को सड़क पर उतरना पड़ा। कोयले की डस्ट से परेशान बरदहा और कोलजोरा के ग्रामीण मुआवजे  की मांग कर रहे हैं।

24 घंटे बाद भी न तो जिला प्रशासन और न ही कोल प्रोजेक्ट का कोई अधिकारी ग्रामीणों की सुध लेने पहुंचा है । ग्रामीण भी मांग पूरी होने तक ढुलाई बंद रखने पर अडिग हैं । मालूम हो की पछुवारा नॉर्थ कोल ब्लॉक अमरापारा से डंपर से बगैर तिरपाल ढके पाकुड़ रेलवे साइडिंग तक 30 किमी लाया जाता है, जिसकी वजह से रोड के दोनो ओर खेत में लगी फसल बर्बाद होती है।

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