गुमला में एक्साइज दारोगा पर युवक की हत्या का आरोप, विरोध में सड़क जाम

हत्या के विरोध में सड़क जाम करते लोग
हत्या के विरोध में शव के साथ सड़क जाम करते लोग

गुमला । गुमला शहर के शांति नगर निवासी सह गंगोत्री वाटर सप्लाई प्लांट के मालिक 25 वर्षीय युवक सत्यम साहू का शव शनिवार को देर रात रांची जिला के बेड़ो थानाक्षेत्र अंतर्गत गड़गाव के समीप से पुलिस ने संदेहास्पद स्थिति में बरामद किया। सत्यम का शव एक खेत में पड़ा हुआ था, जबकि उसका स्विफ्ट डिजायर कार नम्बर जे एच 0 वन जेड -4697 शव से कुछ दूर पर पलटा हुआ था। साथ ही डिजायर के पीछे का हिस्सा पूरी तरह छतिग्रस्त था।

परिजनों ने एक्साइज दारोगा सोनू कुमार पर हत्या का आरोप लगाया

सत्यम का शव मिलने के बाद वहां की पुलिस ने परिजनों को उसकी मौत दुर्घटना के कारण होने की बात कही है। लेकिन परिजन इसे साजिश के तहत हत्या करार दे रहे है। साथ ही हत्या के पीछे गुमला जिले के एक्साइज दारोगा सोनू कुमार का हाथ को बता रहे हैं। इधर सत्यम का शव रिम्स में पोस्टमार्टम किये जाने के बाद परिजन उसे साथ लेकर गुमला पहुँचे। साथ ही शव के साथ शहीद चौक को जाम कर दिया। स्थानीय लोग पुलिस प्रसाशन व एक्साइज दरोगा के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करने लगे। जाम स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं । सूढ़ी समाज के लोगों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

वही सड़क जाम शाम साढ़े चार बजे से शुरू होकर देर शाम 7 बजे तक जारी रहा। जेल में छापामारी के कारण घंटो देर तक पुलिस व जिला प्रसाशन के कोई भी अधिकारी जाम स्थल पर नही पहुँचे थे । दो घंटे बाद एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल जाम स्थल पर पहुँचे। उन्होंने लोगो को समझाया। इसके कुछ देर बाद एसडीओ रवि आनंद मौके पर पहुँचे। एसडीओ व एसडीपीओ ने जमाकर्ताओं को समझाया। साथ ही रांची के ग्रामीण एसपी नौशाद आलम से मोबाइल में स्पीकर ऑन कर बात करवाई। इस पर ग्रामीण एसपी ने कहा कि मृतक के भाई के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। साथ ही मांग पत्र मुझे प्रेषित किया गया है। मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनपर होगी । इसके बात रात 7 बजे जाम हटा लिया गया।

मृतक के भाई ने क्या बताया
मृतक सत्यम का छोटा भाई शिवम साहू ने बताया कि शनिवार को सत्यम दोपहर करीब 12 बजे अपने एक परिचित काली सिंह नामक ठेकेदार को छोड़ने के लिए रांची गया था। ठेकेदार को रांची में छोड़ने के बाद शाम करीब 6 बजे वह फोन कर गुमला के लिए निकल जाने की बात कही। मगर एक घंटे बाद जब वह शाम 7 बजे उसने भाई को फोन करना शुरू की तो वह फोन नही उठा रहा था। करीब रात 9 बजे तक भाई ने फोन रिसीव नही किया। तब वह किसी अनहोनी की आशंका को लेकर अपने पिकअप वाहन में सवार होकर भाई को ढूंढने रांची की ओर निकल गया। तभी रात करीब 10 बजे भाई ने माँ को फोन कर रास्ते मे होने व खाना बना देने की बात कही। फिर इसके बाद वह फिर से फोन उठाना बंद कर दिया। तभी वह उसे ढूंढते ढूंढते बेड़ो के गड़गाव पहुँचा। तभी देखा कि सड़क में पुलिस खड़ी हैऔर वह खेत की ओर टॉर्च जला रही है। तब वह वहां पर रुक गया।

हादसे की तस्वीर पैदा करती है संदेह

फिर नीचे उतरा तो देखा कि उसके भाई का शव एक खेत पर पड़ा हुआ था। उसका पैंट का बटन खुला हुआ था। साथ ही शरीर के कई हिस्सों में चोट का निशान था। जबकि उसका कार शव से कुछ दूर पर पलटी होकर पड़ा था। कार का सभी गेट व शीशा भी बंद था। दोनो पैर का जूता कहीं नही दिख रहा था। तभी वहां पर मौजूद पुलिस को शव व खुद की पहचान बताने पर पुलिस ने दुर्घटना में भाई की मौत होने की बात कही।सत्यम ने बताया कि भाई की मौत सड़क दुर्घटना में नही हुई है। एक साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है। उसने कहा कि गुमला एक्साइज विभाग के दरोगा उसके पूरे परिवार को बर्बाद करने पर तुले हुए थे। कई बार बगैर वारंट सर्च के दौरान उन्होंने घर मे घुसकर सभी को जान से मारने की धमकी दी थी।उसी ने भाई की हत्या करवाई है।
सत्यम ने कई सवाल उठाते हुए कहा कि दुर्घनाग्रस्त होने पर कार का बॉडी पीछे से कैसे छतिग्रस्त हो सकता है। मृतक के भाई ने कई सवाल खड़ा किया है।

मृतक के खिलाफ एनडीपीसी एक्ट के तहत दर्ज था केस
बताया जाता है कि मृतक सत्यम व उसके पिता रायजीत साहू के ऊपर एनडीपीएस एक्ट के तहत सदर थाना में मामला दर्ज है।सत्यम फरार चल रहा था।जबकि उसके पिता 22 दिन पूर्व सदर थाना में सरेंडर कर चुके थे।सरेंडर के बाद वे जेल के सलाखों में थे।मगर बेटे की मौत की सूचना के बाद जेल मेन्युवल के मुताबिक 12 घंटे के लिए उन्हें पैरोल दिया गया है।पैरोल मिलने के बाद जैसे ही वे घर पहुँचे, परिजनों से लिपटकर रोने बिलखने लगे। साथ ही पिता ने भी बेटे की मौत के लिए एक्साइज दरोगा को जिम्मेवार ठहराते हुए इंसाफ की मांग की।

एक्साइज दारोगा सोनू ने क्या कहा
पूरे मामले को लेकर एक्साइज दरोगा सोनू कुमार ने अपना पछ रखते हुए कहा कि उनके ऊपर आरोप लगने की जानकारी मीडिया के माध्यम से उन्हें हुई है।उनपर लगाया जा रहा सारा आरोप गलत,निराधार व मनगढ़ंत है।मृतक के पिता व उनके दोनो बेटे के विरुद्ध सदर थाना में एनडीपीएस एक्ट व उत्पाद अधिनियम के तहत चार मामले दर्ज है।जबकि इसके अलावा उत्पाद विभाग में तीन अन्य मामले दर्ज है।इन मामलों में पिता रायजीत साहू व छोटा बेटा शिवम साहू जेल भी जा चुका है।

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