ईडी के मेहमान बने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन, आठ साल पुराने मनी लौंडरींग केस में हुए गिरफ्तार

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने आठ साल पुराने मनी लौंडरींग के मामले में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और आप नेता सत्येन्द्र जैन को गिरफ्तार किया है. इससे पहले ईडी ने उनसे पूछताछ की. गिरफ़्तारी के संबंध में बताया जा रहे है कि चार करोड़ 81 लाख रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी की तरफ़से ये कार्रवाई की गई है. आरोप है कि साल 2014-15 में जब सत्येंद्र जैन मंत्री पद पर थे, तब उनके और उनके सहयोगियों के पास कलकत्ता की शेल कंपनियों से पैसे आए. इस मामले में ईडी ने केस दर्ज किया था और कई दफा पूछताछ की थी. सूत्रों के मुताबिक, इसी सिलसिले में जब सत्येंद्र जैन से सवाल किया गया, तो मंत्री सही जवाब नहीं दे रहे थे. जिसके बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

सत्येन्द्र जैन की गिरफ़्तारी के बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारों से टिप्पणी अन्य शुरू हो गया है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर फर्जी मामले में सतेन्द्र जैन की गिरफ़्तारी किए जाने की बात कही है. सिसोदिया ने कहा कि बीच में कई साल ईडी ने इस फर्जी मामले में उन्हें बुलाना बंद कर दिया था और अब जब उन्हें हिमाचल का पार्टी इंचार्ज बनाया गया है तो फिर बीजेपी ने दोबारा हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए है.

हालांकि पक्ष के साथ साथ विपक्ष के कई नेता भी इस गिरफ़्तारी पर अपनी प्रतिक्रिया जाहीर कर रहे है. कुमार विश्वास ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘यह केस जब पहली बार आया था तो मैंने भरी PAC में सत्येंद्र जैन से जवाब मांगा था. बौने ने उसे सपत्नीक मेरे सामने रोने-धोने के लिए बिठाया. मैंने कहा निजी संबंध अपनी जगह पर इसका जवाब दो, तो आजकल पंजाब का वसूली-प्रमुख बना नया “चिंटू” काग़ज़ फैलाकर बोला “सर मैं CA हूं, कोई गड़बड़ नहीं है’.

इसके अलावा कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा ने सत्येंद्र जैन को तुरंत स्वास्थ्य मंत्री के पद से हटाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सत्येंद्र जैन को पार्टी से बर्खास्त करने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि ये पार्टी की लड़ाई है. अगर जांच के बाद जैन को क्लीन चिट मिलता है तो उन्हें वापस पद पर ले आना चाहिए.

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