Dove और Tresemme शैंपू से कैंसर का खतरा! जानें इन्हें यूज करने वाले अब क्या करें? – TV9 Bharatvarsh


Updated on: Oct 26, 2022 | 6:00 PM
यूनिलीवर यूनाइटेड स्टेट्स ने अमेरिका के बाजारों से ट्रेसमे एयरसोल, Nexxus और डोव ड्राई शैंपू को वापस ले लिया है. इन प्रोडक्ट्स में बेंजिन की मात्रा तय मानक से अधिक पाई गई है, जिससे कैंसर का खतरा हो सकता है. ये दोनों प्रोडक्ट अमेरिका में काफी बिकते हैं. कैंसर के खतरे को देखते हुए यूनिलीवर ने सभी रिटेलर को इन्हें बाजार से हटाने के लिए कह दिया है. कंपनी ने इस बाबत आदेश भी जारी किया है.फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, यूनिलीवर के यह प्रोडक्ट अक्टूबर 2021 से पहले बन चुके हैं और दुनियाभर के रिटेलर्स को सप्लाई भी किए गए हैं, हालांकि अब कंपनी इन्हें वापिस ले रही है.
ट्रेसमे और डोव ड्राई शैंपू के कैंसर के खतरे की खबर ने पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स में एरोसोल की सुरक्षा के बारे में फिर से सवाल खड़ा कर दिया है. इससे पहले भी कई प्रकार के एयरोसोल प्रोडक्ट्स जैसे न्यूट्रोगेना और जॉनसन एंड जॉनसन से भी इस तरह के खतरे की बात सामने आ चुकी है.
डॉक्टर बताते हैं कि ड्राई शैम्पू बालों को गीला किए बिना ही साफ कर देता है. इसमें काफी मात्रा में स्टार्च आधारित स्प्रे होता है.जो सूघने या स्किन के जरिए शरीर में पहुंच जाता है. अगर इनमें बेंजिन की मात्रा ज्यादा होती है तो ये कैंसर का कारण बन जाता है.
ट्रेसमे और डोव ड्राई शैंपू को इस्तेमाल करने वालों की संख्या काफी अधिक है. ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि जो लोग इन शैंपू का इस्तेमाल कर रहे थे क्या अब उनको अब कैंसर हो सकता है? ऐसे में लोगों को अब क्या करना चाहिए.
इन सवालों का जवाब जानने के लिए TV9भारतवर्ष ने धर्मशिला कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. अंशुमान कुमार से बातचीत की है.
डॉ. अंशुमान बताते हैं कि जो लोग ट्रेसमे और डोव ड्राई शैंपू का इस्तेमाल कर चुके हैं और उन्हें अब सतर्क रहना होगा. पहले तो तुरंत इनका प्रयोग बंद कर दें. डॉक्टर को बताना होगा कि वे इनका इस्तेमाल कितने सालों से कर रहे हैं. इसके साथ ही हर 6 महीने में कैंसर की स्क्रीनिंग करानी होगी. अगर कैंसर का कोई लक्षण दिख रहा है तो तुरंत डॉक्टरों से संपर्क करे, जो लोग पिछले कई सालों से नियमित रूप से इन दोनों शैंपू का ही इस्तेमाल कर रहे हैं वे इन बातों का विशेष ध्यान रखें.
डॉ कुमार ने बताया कि इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर चुके लोगों को अपनी डाइट में अब एंटीऑक्सीडेंट को जरूर शामिल करना चाहिए. इनके सेवन से कैंसर होने का खतरा काफी कम होता है. एंटीऑक्सीडेंट कैंसर के विरोधी होते है. विटामिन सी, हरी सब्जियों और फलों में सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट होते हैं.
इसके अलावा राजमा, चकुंदर, लहसून, धनिया, नींबू और ब्रोकली में भी काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. जो व्यक्ति नियमित रूप से इनका सेवन करता है उसे कैंसर होने की आशंका काफी कम होती है. एंटीऑक्सीडेंट के लिए कई प्रकार के विटामिन मेडिसिन भी आती हैं.
कैंसर से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि खानपान के साथ लाइफस्टाइल को भी ठीक करें. रोजाना कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज करें. बाहर का खाना खाने से बचें. सोने और जगने का समय निर्धारित करें.
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source
– (Ujjwal Duniya)

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