धनबादः झारखंडी भाषा संघर्ष समिति ने बाबूलाल का पुतला फूंका

रणधीर वर्मा चौक पर बाबूलाल का पुतला दहन करते झारखंड भाषा संघर्ष समिति के लोग
रणधीर वर्मा चौक पर बाबूलाल का पुतला दहन करते झारखंड भाषा संघर्ष समिति के लोग

धनबाद। झारखण्डी भाषा संघर्ष समिति के बैनर तले पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी का पुतला दहन रणधीर वर्मा चौक में किया गया । आरोप है कि पिछले दिनों बाबूलाल मरांडी ने 1932 की खतियान की मांग करने वाले आंदोलनकारियों को गुंडा बोल कर अपमानित किया था ।

वक्ताओ ने अपने संबोधन में कहा बाबूलाल जी को या तो झारखंडियों से कोई मतलब नहीं है या फिर भाजपा में जाने के बाद मानसिक संतुलन खो बैठे है। 2000 में जब झारखण्ड अलग हुआ था तब 1932 खतियान का मांग इन्ही के कार्यकाल में की गई थी। लेकिन भाजपा में जाने के बाद इनका सुर बदल गया है ! इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा को झारखण्ड से जब तक झारखण्डी लोग ख़त्म नहीं करेगी तब तक झारखंडियों का भला नहीं होगा ! क्योंकि झारखण्ड बनने के बाद भाजपा ने लगभग 17 साल राज किया पर झारखंडियों की स्थिति जस की तस बना हुआ है ।

पुतला दहन के माध्यम से झारखण्डी भाषा संघर्ष समिति झारखण्डी जन मानस से आवाहन करती है भाजपा को गांव-घर से उखाड़ फेंके। पुतला दहन का नेतृत्व कर रहे दिनेश महतो और रोहित महतो ने कहा कि बाबूलाल मरांडी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है इस कारण वह 1932 खतियान को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों का गुंडा कह कर संबोधन कर रहे हैं । भाजपा का दोहरा चरित्र वाला रवैया झारखंड में नहीं चलेगा जब भाजपा गुजरात में गुजरातियों की बात करती है उड़ीसा में उड़िया बोलने वालों की बात करती है बिहार में बिहारियों की बात करती है तो फिर झारखंड में सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है ?

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